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एशियन गेम्स में अंकिता भकत ने रचा इतिहास, भारत ने पहली बार जीता महिला रिकर्व टीम स्वर्ण

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जमशेदपुर: टाटा आर्चरी एकेडमी (टीएए) की तीरंदाज अंकिता भकत ने 2026 एशियन गेम्स में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने 2 अक्टूबर को ओकाजाकी में खेले गए फाइनल में मौजूदा चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर इस स्पर्धा में भारत को पहली बार स्वर्ण पदक दिलाया। इस जीत के साथ दक्षिण कोरिया का महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में लगातार सात एशियन गेम्स से चला आ रहा स्वर्णिम दबदबा भी समाप्त हो गया।

अंकिता के लिए यह उपलब्धि उनके एशियन गेम्स सफर में भी बड़ी छलांग है। 2022 एशियन गेम्स में उन्होंने भारतीय महिला रिकर्व टीम के साथ कांस्य पदक जीता था। उस टीम में अंकिता के साथ भजन कौर और सिमरनजीत कौर शामिल थीं। चार साल बाद अंकिता ने टीम के साथ कांस्य से स्वर्ण तक का सफर पूरा किया।

कोलकाता की रहने वाली अंकिता वर्ष 2014 में 16 साल की उम्र में जमशेदपुर स्थित टाटा आर्चरी एकेडमी से जुड़ी थीं। यहां उन्होंने रिकर्व तीरंदाजी को अपना क्षेत्र चुना और पद्मश्री पूर्णिमा महतो सहित अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। लंबे समय तक चले उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और अभ्यास ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का तीरंदाज बनाने में अहम भूमिका निभाई।

अंकिता को 2017 में बड़ा अंतरराष्ट्रीय ब्रेक मिला, जब उन्होंने अर्जेंटीना के रोसारियो में आयोजित विश्व तीरंदाजी युवा चैंपियनशिप के जूनियर मिश्रित टीम वर्ग में जेम्सन सिंह निंगथौजम के साथ स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद उन्होंने एशियन गेम्स, विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।

2021 में अंकिता भारतीय महिला रिकर्व टीम का हिस्सा थीं, जिसने ग्वाटेमाला में तीरंदाजी विश्व कप के पहले चरण और पेरिस में तीसरे चरण में स्वर्ण पदक जीता था। मई 2026 में शंघाई में विश्व कप के दूसरे चरण में भी भारतीय महिला टीम ने चीन को हराकर स्वर्ण पदक जीता, जिसमें अंकिता टीम का हिस्सा थीं।

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नवंबर 2025 में अंकिता ने एशियन आर्चरी चैंपियनशिप में व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण पदक जीतकर भी इतिहास रचा था। वह इस स्पर्धा में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। ढाका में खेले गए फाइनल में उन्होंने पेरिस 2024 ओलंपिक की रजत पदक विजेता दक्षिण कोरिया की नाम सुह्योन को 7-3 से हराया था।

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एशियन गेम्स के फाइनल में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। शुरुआती सेटों में दोनों टीमें बराबरी पर रहीं। भारतीय टीम ने दबाव के बीच संयम बनाए रखा और तीसरे सेट में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल करते हुए स्कोर 4-2 कर दिया।

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अंतिम सेट में भी मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। निर्णायक क्षण में कुमकुम मोहोड के महत्वपूर्ण 10 अंक ने भारत को जरूरी बढ़त दिलाई। इसके बाद भारतीय टीम ने 5-3 से जीत दर्ज करते हुए महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में भारत का पहला एशियन गेम्स स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

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स्वर्ण पदक जीतने के बाद अंकिता भकत ने कहा कि यह उनके और पूरी टीम के लिए बेहद खास क्षण है। भारत के लिए महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में पहला एशियन गेम्स स्वर्ण जीतना ऐसी उपलब्धि है, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया के खिलाफ टीम को हर तीर पर ध्यान केंद्रित रखना था और एक-दूसरे पर भरोसा बनाए रखना था।

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अंकिता ने अपने प्रशिक्षकों, टीम साथियों, परिवार और इस सफर में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि टाटा आर्चरी एकेडमी उनके विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पदक देश के युवा तीरंदाजों को बड़े सपने देखने और भारत के लिए इतिहास रचने के लिए प्रेरित करेगा।

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टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट, कॉरपोरेट सर्विसेज डीबी सुंदर रामम ने अंकिता की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे टाटा स्टील और टाटा आर्चरी एकेडमी से जुड़े सभी लोगों के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने अंकिता, उनकी टीम की खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और इस उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई दी।

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उन्होंने कहा कि 2014 में एक युवा खिलाड़ी के रूप में एकेडमी से जुड़ने से लेकर एशियन गेम्स के शीर्ष पायदान तक पहुंचने की अंकिता की यात्रा उनके धैर्य, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ-साथ प्रशिक्षकों और सहयोगी व्यवस्था के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है। टाटा स्टील ने अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड को ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

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अश्वनी पाठक

अश्वनी पाठक

रिपोर्टर

अश्वनी पाठक जमशेदपुर निवासी हैं और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने न्यूज मीडिया किरण के माध्यम से पत्रकारिता की शुरुआत की। वाणिज्य में ऑनर्स (बी.कॉम) की शिक्षा पूरी करने के बाद वर्तमान में एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ वे कानून की शिक्षा भी प्राप्त कर रहे हैं।