मुर्दा मैदान की सफाई नहीं हुई तो निगम कार्यालय के बगल में गिराएंगे कचरा: सरयू राय

जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अपर नगर आयुक्त को सात दिनों की मोहलत दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि बागानशाही स्थित मुर्दा मैदान से कचरा नहीं हटाया गया और सफाई के बाद निकले कचरे को डालने के लिए निगम ने जगह नहीं बताई, तो स्थानीय लोग खुद सफाई करेंगे और वहां से निकला कचरा मानगो नगर निगम कार्यालय के बगल में डाल दिया जाएगा।

सरयू राय ने अपर नगर आयुक्त को भेजे पत्र में कहा है कि एक अक्टूबर को स्थानीय लोगों के बुलावे पर वह बागानशाही स्थित मुर्दा मैदान पहुंचे थे। लोगों ने वहां लंबे समय से जमा कचरे और उससे उठ रही दुर्गंध की शिकायत की। मौके पर उन्होंने भी स्थिति का जायजा लिया और लोगों की शिकायत को सही पाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मानगो नगर निगम क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया जा रहा है, तो मुर्दा मैदान में जमा कचरे का ढेर क्यों नहीं हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुर्दा मैदान पर मालिकाना हक रखने वाले आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधि सोनाराम मांझी समेत अन्य लोगों ने भी स्पष्ट किया है कि सफाई कराने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उनकी शर्त केवल इतनी है कि सफाई के नाम पर वहां अतिक्रमण नहीं होना चाहिए।

सरयू राय ने बताया कि उनकी पहल पर झारखंड सरकार के कल्याण विभाग ने मुर्दा मैदान की घेराबंदी कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मानगो के अंचल अधिकारी की ओर से भी प्रतिवेदन विभाग को भेजा जा चुका है। उनका कहना है कि घेराबंदी होने के बाद मैदान सुरक्षित रहेगा और अतिक्रमण की आशंका भी खत्म हो जाएगी। स्थानीय लोगों ने नगर निगम को मुर्दा मैदान की सफाई के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। उनका कहना है कि निगम सफाई नहीं करता है तो वे खुद सफाई करेंगे। इसी को लेकर सरयू राय ने निगम से पूछा है कि सफाई के बाद निकलने वाले कचरे को कहां डाला जाए।

सरयू राय ने मानगो के वसुंधरा एस्टेट के सामने स्वर्णरेखा परियोजना की जमीन पर कचरा डंप किए जाने को लेकर भी नगर निगम को घेरा। उन्होंने कहा कि इस जमीन का इस्तेमाल अंतरराज्यीय बस अड्डा बनाने के लिए किया जाना है, इसके बावजूद यहां कचरा डंप किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कचरे और उससे उठने वाली दुर्गंध से वसुंधरा एस्टेट के साथ आसपास के लोग भी परेशान हैं। स्वर्णरेखा परियोजना के कार्यालय और वहां स्थित मंदिर परिसर तक इसका असर पहुंच रहा है।

सरयू राय ने कहा कि नगर निगम को कचरा प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक व्यवस्था अपनानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि मैदान के एनएच-33 की ओर चारों तरफ से बंद शेड बनाया जाए। छत वाले इस शेड में कचरा डालने के बाद कॉम्पैक्टर मशीन से उसे दबाकर छोटा किया जाए और फिर निर्धारित डंपिंग स्थल तक भेजा जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दिशा में अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। सरयू राय ने चेतावनी दी कि खुले में कचरा डंप करने की व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस व्यवस्था में सुधार के लिए उन्होंने नगर निगम को दो सप्ताह का समय दिया है।

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