Supreme Court gets five new judges, President Murmu approves the appointments

DGP तदाशा मिश्रा को हटाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार लेकिन झारखंड की नियुक्ति नियमावली पर उठाए सवाल

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बिना पक्ष सुने हटाने से कोर्ट ने किया इनकार, सभी राज्यों में DGP नियुक्तियों की समीक्षा के लिए Amicus Curiae को दिया निर्देश

झारखंड की DGP तदाशा मिश्रा की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को हुई सुनवाई में अहम आदेश आया। सुप्रीम कोर्ट ने तदाशा मिश्रा को तत्काल DGP पद से हटाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि संबंधित अधिकारी का पक्ष सुने बिना उनके खिलाफ प्रतिकूल आदेश नहीं दिया जा सकता। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने की। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के चर्चित प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार मामले में DGP नियुक्ति को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों से जुड़ा है।

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सुनवाई के दौरान अदालत ने झारखंड सरकार की DGP नियुक्ति संबंधी नियमावली पर भी सवाल उठाए। केंद्र सरकार और एमिकस क्यूरी की ओर से नियमावली को लेकर अलग-अलग दलीलें रखी गईं। केंद्र की ओर से कहा गया कि झारखंड की नियमावली सुप्रीम कोर्ट के Prakash Singh मामले में तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं है।

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केंद्र सरकार ने खास तौर पर UPSC की भूमिका को लेकर आपत्ति जताई। केंद्र की ओर से दलील दी गई कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार DGP चयन की प्रक्रिया में UPSC की महत्वपूर्ण भूमिका है, जबकि झारखंड की नियमावली में UPSC के केवल एक सदस्य को शामिल किया गया है। केंद्र के मुताबिक यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप नहीं है।

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वहीं, झारखंड सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने राज्य का पक्ष रखा। अदालत ने एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट और केंद्र तथा झारखंड सरकार की दलीलों को सुनने के बाद तदाशा मिश्रा को तत्काल हटाने से इनकार किया।

सभी राज्यों में DGP नियुक्तियों की होगी समीक्षा

सुप्रीम कोर्ट ने एमिकस क्यूरी को सभी राज्यों में DGP नियुक्तियों की समीक्षा कर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। एमिकस क्यूरी अब यह देखेंगे कि विभिन्न राज्यों में DGP की नियुक्ति की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के Prakash Singh फैसले में निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप है या नहीं।

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सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले नियुक्ति बनी विवाद की वजह

तदाशा मिश्रा को 30 दिसंबर 2025 को झारखंड का DGP नियुक्त किया गया था, जबकि उनकी सेवानिवृत्ति 31 दिसंबर 2025 को होनी थी। इसी को लेकर उनकी नियुक्ति पर सवाल उठे थे।

मामले में एमिकस क्यूरी ने भी पहले अपनी रिपोर्ट में नियुक्ति को Prakash Singh मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं बताया था। हालांकि, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने बिना तदाशा मिश्रा का पक्ष सुने उन्हें पद से हटाने से इनकार कर दिया।

फिलहाल तदाशा मिश्रा झारखंड की DGP बनी रहेंगी। मामले में आगे की कार्रवाई एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट और संबंधित पक्षों की दलीलों के आधार पर होगी।

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Drishti Now Desk

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