mass-shin-donation-599-unclaimed-bodies

जमशेदपुर में 599 लावारिस शवों के लिए सामूहिक पिंडदान, अंत्योदय संस्था ने निभाया मानवीय दायित्व

Share
Link copied

वर्ष 2022 से बेसहारा मृतकों का अंतिम संस्कार करा रही संस्था, अमावस्या पर पार्वती श्मशान घाट में हुआ धार्मिक अनुष्ठान

जमशेदपुर। मृत्यु के बाद जब किसी शव को अंतिम विदाई देने के लिए अपना कोई मौजूद नहीं होता, तब इंसानियत का फर्ज निभाने वाले कुछ लोग आगे आते हैं। जमशेदपुर में अंत्योदय संस्था इसी भावना के साथ बेसहारा और लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कराती आ रही है। इसी क्रम में शनिवार को अमावस्या के अवसर पर पार्वती श्मशान घाट में संस्था की ओर से वर्ष 2022 से अब तक अंतिम संस्कार कराए गए 599 लावारिस शवों की आत्मिक शांति के लिए सामूहिक पिंडदान किया गया।धार्मिक परंपराओं के अनुसार आयोजित इस अनुष्ठान में दिवंगत आत्माओं के प्रति श्रद्धा अर्पित की गई और उनके कल्याण की कामना की गई। संस्था की इस पहल का उद्देश्य उन मृतकों के प्रति भी धार्मिक दायित्व निभाना है, जिनकी मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार और धार्मिक कर्मकांड कराने के लिए कोई परिजन सामने नहीं आया।

2022 से बेसहारा मृतकों के अंतिम संस्कार में जुटी संस्था

अंत्योदय संस्था वर्ष 2022 से लावारिस और बेसहारा शवों का अंतिम संस्कार कराने का कार्य कर रही है। संस्था के सदस्य ऐसे मृतकों को सम्मानजनक अंतिम विदाई देने का प्रयास करते हैं, जिनकी पहचान या परिजनों का पता नहीं चल पाता अथवा जिनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाने वाला कोई नहीं होता।संस्था के इस सेवा अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी व्यक्ति को मृत्यु के बाद भी सम्मान से वंचित न रहना पड़े। सामूहिक पिंडदान इसी प्रयास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

धार्मिक आस्था के साथ मानवता का संदेश

हिंदू धार्मिक परंपरा में पिंडदान को दिवंगत आत्माओं की शांति और पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने से जुड़ा महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। इसी मान्यता के तहत 599 मृतकों के लिए सामूहिक पिंडदान किया गया।अंत्योदय संस्था के संयोजक पारसद और पूर्व पत्रकार प्रवीण सेठी के नेतृत्व में सदस्य इस कार्य को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं। संस्था की पहल यह संदेश देती है कि मानवीय संवेदना किसी व्यक्ति की सामाजिक हैसियत, पारिवारिक स्थिति या पहचान पर निर्भर नहीं होनी चाहिए।

अपनों से वंचित मृतकों को सम्मानजनक विदाई

पार्वती श्मशान घाट में आयोजित यह अनुष्ठान उन लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का प्रयास है, जिनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए कोई अपना मौजूद नहीं था। अंत्योदय संस्था का यह अभियान अंतिम संस्कार से आगे बढ़कर उन मृतकों के लिए धार्मिक परंपराओं के अनुरूप कर्मकांड करने की पहल भी है।संस्था की यह पहल समाज को याद दिलाती है कि मानवता और संवेदना का दायरा जीवन तक ही सीमित नहीं है। मृत्यु के बाद भी हर व्यक्ति की गरिमा का सम्मान करना सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।

 

ABOUT THE AUTHOR
अश्वनी पाठक

अश्वनी पाठक

रिपोर्टर

अश्वनी पाठक जमशेदपुर निवासी हैं और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने न्यूज मीडिया किरण के माध्यम से पत्रकारिता की शुरुआत की। वाणिज्य में ऑनर्स (बी.कॉम) की शिक्षा पूरी करने के बाद वर्तमान में एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ वे कानून की शिक्षा भी प्राप्त कर रहे हैं।