dhanbad-businessman-bihari-lal-chaudhary-murder

धनबाद के कारोबारी बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड का आरोपी गिरफ्तार, पुलिस मुठभेड़ में पैर में लगी गोली

Share
Link copied

झारखंड, बंगाल और यूपी में हत्या, लूट समेत कई मामलों में तलाश; हथियार बरामदगी के दौरान ASI की पिस्टल छीनकर फायरिंग करने का आरोप

धनबाद। धनबाद के चर्चित कपड़ा व्यवसायी बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड में कथित शूटर शंकर डे उर्फ पिंकू डे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मंगलवार देर रात मैथन इलाके से पकड़े गए आरोपी ने हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस टीम पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन कर उसके पैर से गोली निकाली गई। पुलिस के मुताबिक, शंकर डे लंबे समय से फरार था। झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और धमकी जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।

2009 में हुई थी कपड़ा कारोबारी की हत्या

धनबाद के प्रसिद्ध कपड़ा व्यवसायी बिहारी लाल चौधरी की 25 जून 2009 की शाम बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के पुराना बाजार स्थित टेलीफोन एक्सचेंज रोड के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह अपने आवास के नजदीक हमले का शिकार हुए थे। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे रंगदारी की मांग पूरी नहीं होना एक प्रमुख कारण माना गया था।
इस मामले में शंकर डे पर कथित शूटर होने का आरोप है। पुलिस अब उससे इस हत्याकांड में उसकी भूमिका और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में पूछताछ कर रही है।

मैथन में छिपे होने की सूचना पर कार्रवाई

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शंकर डे धनबाद और पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे मैथन इलाके में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर मैथन पुलिस ने मंगलवार देर शाम छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे गोंदूडीह पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस टीम आरोपी को हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद करने और घटनास्थल की पहचान कराने के लिए नवादा जंगल की ओर ले गई थी। इसी दौरान भौरा घाटी के पास गोलीबारी की घटना हुई।

ASI की पिस्टल छीनकर गोली चलाने का आरोप

पुलिस के अनुसार, नवादा जंगल के पास भौरा घाटी में हथियार बरामदगी की कार्रवाई के दौरान शंकर डे ने अचानक एक सहायक अवर निरीक्षक (ASI) की पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी गोलीबारी की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी।घायल अवस्था में उसे अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस इस घटना के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

लूट की रकम के विवाद में साथी की हत्या का दावा

पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान शंकर डे ने अपने सहयोगी राम प्रताप प्रसाद की हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की है। बताया गया है कि दोनों गोंदूडीह और बरवाअड्डा क्षेत्र में हुई एक लूट की वारदात में शामिल थे।
पुलिस के मुताबिक, लूट की रकम के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसी विवाद में शंकर डे ने कथित तौर पर राम प्रताप की गोली मारकर हत्या कर दी और शव को नवादा जंगल में फेंक दिया। 18 जुलाई को जंगल से गोली से छलनी एक युवक का शव बरामद हुआ था। शुरुआत में उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। बाद में मृतक की पत्नी की शिकायत और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड की जांच के आधार पर पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।

कई राज्यों में दर्ज हैं आपराधिक मामले

पुलिस के अनुसार, दुर्गापुर के कुष्ठली का रहने वाला शंकर डे झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में दर्ज कई आपराधिक मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, अपहरण, लूट और डकैती जैसे मामलों की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड में आरोपी की कथित भूमिका, राम प्रताप प्रसाद की हत्या, हथियारों के स्रोत और अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। इन मामलों में उसकी भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

ABOUT THE AUTHOR
गोविंद मोदक

गोविंद मोदक

रिपोर्टर

पत्रकार | न्यूज़ रिपोर्टर | मीडिया प्रोफेशनल गोविंद मोदक धनबाद, झारखंड के पत्रकार हैं और उन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने अपराध, राजनीति, सामाजिक एवं नागरिक मुद्दों, जनसरोकार और जमीनी स्थानीय खबरों पर रिपोर्टिंग की है। उन्होंने Newz India 24, TV45 Satellite Channel, DHN24, Vande Bharat News, Chanakya News India Jharkhand और Bharatmitra News जैसे मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ कार्य किया है। उनकी पत्रकारिता तथ्यपरक, जिम्मेदार और जमीनी रिपोर्टिंग पर केंद्रित है, जिसमें आम लोगों के मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाना शामिल है। मुख्य विशेषज्ञता: अपराध एवं राजनीतिक रिपोर्टिंग • जमीनी पत्रकारिता • सामाजिक एवं नागरिक मुद्दे • जनसरोकार • प्रभावी संवाद एवं नेटवर्किंग