केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि बिल काला कानून : खुशी राम.
सिमडेगा : जंगल बचाओ जन संघर्ष समिति की बैठक मैं कृषि कानून को काला कानून बताते मुख्य रूप से विरोध करने पर जोर दिया गया। सेवई राजस्व गांव मे आम सभा हुई। जिसमे झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन जनसंगठन पदाधिकारी अनूप लकड़ा एवं खुशीराम कुमार कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे। अनूप लकड़ा ने आदिवासियो के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जंगल पर हमारे पुव॔जकाल से ही हमारा अधिकार रहा है। अब सरकार 2006 मे ही वनाधिकार कानून बना कर जंगल पर अधिकार दिया है। यंहा के आदिवासियो एवं अन्य परंपरागत वन निवासियो को उसके छीने गये हक दिलाने के लिए वनाधिकार कानून बना। अधिकार भी लंबे समय के अंदोलन का परिणाम है। जंगल से पर्यावरण भी साफ रहता है। लेकिन दुर्भाग्य है आजकल विकास के नाम पर जंगलो को नष्ट किया जा रहा है जिससे ग्लोबल वार्मिंग का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खुशीराम कुमार ने वर्तमान मे केन्द्र सरकार द्वारा पारित कृषि बिल को काला कानून बताते हुए विस्तार पूर्वक लोगों से चर्चा की साथ ही कहा हम सभी एकजुट होकर नही लडेगे तबतक हम आदिवासी मूलवासी का शोषण होता रहेगा। मौके पर साल्मोन मिंज, बिनोद मिंज, जेम्स लकड़ा, प्रमोद टोप्पो, महावीर बघवार, रेजिना कुजूर, जितनी देवी, दुखन ग्वाला, कसई देवी, अवतार कुजूर के अलावे सैकड़ो लोग उपस्थित थे।
सिमडेगा, शम्भू कुमार सिंह

















