आजसू ने मुख्य सचिव और डीजीपी को सौंपा ज्ञापन: सुदेश महतो की हत्या की साजिश की NIA जांच की मांग
रांची : आजसू पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को झारखंड के मुख्य सचिव अलका तिवारी और डीजीपी अनुराग गुप्ता से मुलाकात कर पार्टी प्रमुख सह पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो की हत्या की साजिश की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच करवाने और उनकी सुरक्षा की समीक्षा की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने उग्रवादियों द्वारा बार-बार सुदेश महतो को निशाना बनाने और उनकी हिटलिस्ट में शामिल करने की घटनाओं पर चिंता जताई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्य सचिव और डीजीपी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उग्रवादियों की हिटलिस्ट में सुदेश महतो का नाम बार-बार आने के मामले की जांच की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो, मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत, केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर और हसन अंसारी शामिल थे।
डॉ. देवशरण भगत ने बताया कि उग्रवादी संगठन बार-बार सुदेश महतो की हत्या की साजिश रच रहे हैं, लेकिन इसके पीछे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि 5 अगस्त को गुमला के कामडारा थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए पीएलएफआई उग्रवादी मार्टिन केरकेट्टा ने भी सुदेश महतो को अपनी हिटलिस्ट में शामिल किया था। केरकेट्टा ने 2023 में अनगड़ा थाना क्षेत्र में सुदेश महतो की हत्या की योजना बनाई थी, जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया था। इसके अलावा, उग्रवादियों ने साजिश के तहत अपने सदस्य देव सिंह मुंडा को आजसू पार्टी में शामिल करवाया था।
आजसू नेताओं ने बताया कि 2005 में सिल्ली से पोगड़ा जाने वाले रास्ते में केन बम लगाने की साजिश रची गई थी। 2013 में पीएलएफआई कमांडर जीदन गुड़िया ने एक राजनेता से 5 करोड़ रुपये की सुपारी ली थी। इसके बाद 27-28 जनवरी 2014 को सिल्ली प्रतिभा महोत्सव में टाइम बम लगाकर हमले की कोशिश की गई, जो विफल रही। 26 फरवरी 2014 को जोन्हा में एक विवाह समारोह में हमले की योजना भी पुलिस और ग्रामीणों की तत्परता से नाकाम कर दी गई।

















