सत्ता में साथ, हार के बाद विपक्ष पर हमला—प्रतुल शाहदेव ने कांग्रेस की कार्यशैली पर उठाए सवाल

रांची : झारखंड में राज्यसभा चुनाव में हार के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के बयानों को “बौखलाहट और दोहरी राजनीति” करार दिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। उनके अनुसार कांग्रेस के प्रभारी के. राजू द्वारा सहयोगी दलों को “भ्रष्टाचारी और धोखेबाज” कहना तथा कांग्रेस विधायक सुरेश बैठा द्वारा उन्हें “गद्दार” बताना इस बात का प्रमाण है कि पार्टी हार के सदमे से उबर नहीं पा रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिन दलों के साथ कांग्रेस वर्षों तक सत्ता में रही—जिनमें राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janata Dal) और वाम दल (CPI (ML) Liberation) शामिल हैं—उन्हें अचानक भ्रष्ट और अविश्वसनीय बताना राजनीतिक अवसरवाद को दर्शाता है।
प्रतुल शाहदेव ने कहा, “अगर ये दल इतने ही भ्रष्ट और धोखेबाज थे तो कांग्रेस ने इनके साथ सरकार क्यों चलाई? और अगर वे विश्वसनीय थे, तो हार के बाद उन पर आरोप लगाना कांग्रेस की राजनीतिक असफलता को दर्शाता है।”
उन्होंने कांग्रेस पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी का इतिहास रहा है कि सत्ता में रहते समय सहयोगी अच्छे लगते हैं, लेकिन सत्ता से बाहर होते ही वही सहयोगी निशाने पर आ जाते हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस की “पुरानी राजनीतिक संस्कृति” बताया।
प्रतुल ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता समीकरणों के लिए कई बार अपने पुराने सहयोगियों को छोड़कर नए गठबंधन किए, जिससे उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस की हताशा और आक्रोश दोनों स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। “जनता सब देख रही है कि जो पार्टी अपने सहयोगियों का सम्मान नहीं कर सकती, वह जनता के विश्वास का सम्मान कैसे करेगी,” उन्होंने कहा।
भाजपा ने कांग्रेस से इन आरोपों पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है और कहा है कि हार की जिम्मेदारी लेने के बजाय दूसरों पर दोष मढ़ना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
















