जमीन विवाद में ट्रिपल मर्डर के बाद अर्जुन मुंडा पहुंचे MGM, बचे परिजन ने मांगी सुरक्षा
जमशेदपुर: पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र के केन्जरा टोला तारोबबुरू में जमीन विवाद को लेकर एक ही आदिवासी परिवार के तीन सदस्यों की हत्या के मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी तूल पकड़ लिया है। शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां तीनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए लाए गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अर्जुन मुंडा ने अस्पताल में मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। इस दौरान हत्या की घटना में बचे परिवार के एक सदस्य ने उनसे मुलाकात कर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अर्जुन मुंडा ने पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात की। उन्होंने तीनों शवों का तत्काल पोस्टमार्टम कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा परिवार के बचे सदस्य को पर्याप्त सुरक्षा देने की मांग की।

अर्जुन मुंडा ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राज्य के भू-राजस्व मंत्री इसी क्षेत्र से आते हैं। इसके बावजूद जमीन विवाद में एक आदिवासी परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या होना बेहद गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि जमीन विवाद से जुड़े मामलों में प्रशासन को शुरुआती स्तर पर ही हस्तक्षेप करना चाहिए। विवाद अगर समय रहते नहीं सुलझाए जाएं तो वे हिंसक रूप ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
अर्जुन मुंडा ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच हो तथा पीड़ित परिवार के बचे सदस्य को सुरक्षा के साथ न्याय भी सुनिश्चित किया जाए।

पति-पत्नी और 12 वर्षीय बेटे की हुई थी हत्या
गौरतलब है कि टोंटो थाना क्षेत्र के केन्जरा टोला तारोबबुरू में जमीन विवाद को लेकर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा किया था। मृतकों की पहचान करीब 40 वर्षीय राजिन दोरायबुरू, उनकी करीब 38 वर्षीय पत्नी जानो दोरायबुरू और उनके 12 वर्षीय बेटे काण्डे दोरायबुरू के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, 26 अगस्त को रगमिया दोरायबुरू ने टोंटो थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि जमीन विवाद के कारण परिवार के तीन सदस्यों की हत्या कर उनके शवों को छिपा दिया गया है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने तीनों मृतकों के शव बरामद किए।
आरोपियों की निशानदेही पर खून लगी कुल्हाड़ी बरामद
जगन्नाथपुर एसडीपीओ राएफेल मुर्मू के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई खून लगी कुल्हाड़ी भी बरामद की गई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह जमीन विवाद सामने आई है।
हालांकि पुलिस अभी इस बात की भी जांच कर रही है कि वारदात में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
हालांकि हत्या और विवाद की पृष्ठभूमि को लेकर पुलिस साक्ष्य जुटा रही है।इस बीच, मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज लाए जाने के बाद परिवार के बचे सदस्य की सुरक्षा का मुद्दा भी सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।


















