लोहरदगा में बाईपास निर्माण स्थल पर अपराधियों का तांडव, गार्ड को मारी गोली; दो हाइवा फूंके
आनंद कुमार सोनी /लोहरदगा
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लोहरदगा: जिला मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर बाईपास निर्माण स्थल पर हथियारबंद अपराधियों ने देर रात जमकर उत्पात मचाया। कैमो महुआ टोली गांव के समीप पुल निर्माण स्थल पर पहुंचे अपराधियों ने तीन राउंड फायरिंग की। गोली लगने से वहां सुरक्षा में तैनात गार्ड भूषण घायल हो गया। इसके बाद अपराधियों ने निर्माण स्थल पर खड़े दो हाइवा वाहनों में आग लगा दी और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
घटना ने इलाके में दहशत पैदा कर दी है। वारदात के बाद निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारियों में भी भय का माहौल है।
कर्मचारी को पहले धमकाया, फिर चलाई गोली
बताया जा रहा है कि दो हथियारबंद अपराधी मुख्य सड़क से करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर निर्माण स्थल तक पहुंचे थे। उस वक्त निर्माण एजेंसी का कर्मचारी राजकुमार यादव पिकअप वाहन में सो रहा था। अपराधियों ने उसे जगाया और तत्काल वहां से चले जाने की धमकी दी।
इसके बाद अपराधियों ने राजकुमार को निशाना बनाकर दो राउंड फायरिंग की। हालांकि वह किसी तरह बच गया। इसके बाद अपराधियों ने निर्माण स्थल पर तैनात गार्ड भूषण पर गोली चला दी। गोली उसकी बांह में लगी, जिससे वह घायल हो गया।

गोलीबारी के बाद दो हाइवा में लगाई आग
फायरिंग के बाद अपराधियों ने निर्माण स्थल पर खड़े दो हाइवा वाहनों को आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते दोनों वाहन जलने लगे। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की।
लेवी के लिए वारदात या निर्माण कार्य रोकने की साजिश?
घटना के पीछे अपराधियों की मंशा को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि कहीं वारदात का मकसद निर्माण एजेंसी से लेवी वसूलना या निर्माण कार्य को बाधित करना तो नहीं था।
हालांकि अब तक निर्माण एजेंसी की ओर से पूर्व में किसी तरह की रंगदारी या लेवी मांगे जाने की शिकायत की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि अपराधियों ने निर्माण स्थल को ही निशाना क्यों बनाया और दो हाइवा वाहनों में आग लगाने का उद्देश्य क्या था।

घायल गार्ड को रिम्स किया गया रेफर
गोली लगने के बाद घायल गार्ड भूषण को तत्काल लोहरदगा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया। उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने निर्माण स्थल पर मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों से पूछताछ की है। साथ ही घटनास्थल से संभावित साक्ष्य जुटाए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अपराधी पैदल ही निर्माण स्थल तक पहुंचे थे। उनके पास देसी कट्टा होने की बात कही जा रही है। पुलिस अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
जिला मुख्यालय से इतनी कम दूरी पर स्थित महत्वपूर्ण बाईपास निर्माण स्थल पर अपराधियों का पहुंचना, फायरिंग करना और निर्माण में इस्तेमाल होने वाले दो हाइवा को जला देना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
घटना से न सिर्फ निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों में डर का माहौल है, बल्कि यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था इसी तरह कमजोर रही तो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को समय पर पूरा करना पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

















