पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर साधा निशाना, पुलिस और ACB पर लगाए गंभीर आरोप
रांची : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने आज पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में झारखंड सरकार, पुलिस विभाग और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों को बचाने के लिए पुलिस विभाग एक “वसूली गैंग” में तब्दील हो गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बाबूलाल मरांडी ने जलापूर्ति घोटाले में ईडी की कार्रवाई के दौरान आरोपी संतोष कुमार के साथ हुई घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि संतोष कुमार, जो पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से जुड़े 20 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले में आरोपी हैं, ईडी के सामने पेश होने के बाद अपना बयान बदल दिया और अधिकारियों पर मारपीट का आरोप लगाकर एयरपोर्ट थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। इसके बाद झारखंड पुलिस ने ईडी कार्यालय पर छापा मारा, जिसे उन्होंने घोटालेबाजों को बचाने की साजिश बताया।
उन्होंने कहा, “ऐसा लग रहा है कि नए डीजीपी की नियुक्ति इसी मकसद से की गई है ताकि घोटालेबाजों को बचाया जा सके।” उन्होंने शराब घोटाले में ACB की कार्रवाई को “मैच फिक्सिंग” करार देते हुए आरोप लगाया कि एजेंसी जानबूझकर 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल नहीं करती, जिससे आरोपी डिफॉल्ट बेल पर बाहर आ जाते हैं। उन्होंने IAS अधिकारियों विनय चौबे, सुधीर कुमार, नीरज कुमार, महेश, परेश ठाकोर और विक्रम ठाकुर का नाम लेते हुए कहा कि ये सभी डिफॉल्ट बेल पर रिहा हो चुके हैं।
बाबूलाल मरांडी ने राज्य में अराजकता, लूट और भ्रष्टाचार की स्थिति को भयावह बताते हुए कहा, “झारखंड सरकार में आज कोई सुरक्षित नहीं है।” उन्होंने झारखंड उच्च न्यायालय से अपील की कि वे स्वतः संज्ञान लेकर इन मामलों की जांच कराएं और सीबीआई जांच की सिफारिश करें।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबूलाल मरांडी ने रांची के धुर्वा से 2 जनवरी को लापता हुए भाई-बहन अंश कुमार राय और अंशिका कुमारी की 14 जनवरी को सकुशल बरामदगी का जिक्र किया। उन्होंने पुलिस की तारीफ करने के बजाय आलोचना की और कहा कि पुलिस का खुफिया तंत्र विफल रहा। 2 से 8 जनवरी तक बच्चे धुर्वा-हटिया क्षेत्र में ही थे, लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर पाई। अंत में मीडिया, राजनीतिक दबाव और सामाजिक कार्यकर्ताओं (जैसे सचिन प्रजापति, डब्ल्यू साहू, सन्नी आदि) के प्रयासों से बच्चे बरामद हुए।
उन्होंने मांग की कि घोषित इनाम राशि इन सामाजिक कार्यकर्ताओं को दी जाए, न कि पुलिस अधिकारियों को, जो अपनी प्रशंसा के लिए इसे हड़पने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो भाजपा विरोध करेगी। साथ ही, उन्होंने चिंता जताई कि अगर पुलिस सक्रिय होती तो राज्य के 413 लापता बच्चे आज भी गायब नहीं होते।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, प्रवक्ता अजय साह और विजय चौरसिया सहित अन्य नेता मौजूद थे।

















