बिहार चुनाव 2025: दूसरे चरण के नामांकन की आज अंतिम तारीख, एनडीए तैयार लेकिन महागठबंधन में सस्पेंस जारी

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के लिए आज नामांकन की अंतिम तारीख है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने सीट शेयरिंग का ऐलान कर उम्मीदवारों की पूरी सूची जारी कर दी है, जबकि विपक्षी महागठबंधन में अभी भी घमासान मचा हुआ है। सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय न होने से पार्टियां अलग-अलग उम्मीदवार घोषित कर चुकी हैं, जिससे कई सीटों पर ‘फ्रेंडली फाइट’ की स्थिति बन गई है।

एनडीए की मजबूत रणनीति: सीट शेयरिंग और उम्मीदवारों पर मुहर
एनडीए ने 12 अक्टूबर को सीट शेयरिंग का ऐलान किया, जिसमें भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) को प्रत्येक 101-101 सीटें मिली हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 6-6 सीटें आवंटित की गईं। भाजपा ने 14 अक्टूबर को पहली सूची में 71 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए, जिसमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (तरापुर) और विजय कुमार सिन्हा जैसे बड़े चेहरे शामिल हैं। जेडीयू ने भी अपनी 101 सीटों के लिए उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट जारी कर दी है।

बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, “एनडीए की एकजुटता अटल है। हम सभी 243 सीटों पर पूरी ताकत से लड़ेंगे और पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बिहार यात्रा के दौरान रणनीति पर चर्चा हुई, जिसमें सीमांचल और मिथिला क्षेत्रों पर फोकस किया गया। पहले चरण के नामांकन में एनडीए के उम्मीदवारों ने 1,200 से अधिक पर्चे भरे, जबकि दूसरे चरण के लिए आज अंतिम मौका है।

महागठबंधन में उलझन: सीट शेयरिंग पर सहमति न बनने से उम्मीदवारों में हड़कंप
दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), कांग्रेस, वीआईपी, सीपीआई, सीपीआई(एमएल) और अन्य सहयोगी दलों वाले महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान चरम पर है। 17 अक्टूबर को पहले चरण के नामांकन की अंतिम तारीख गुजर चुकी है, लेकिन गठबंधन का फॉर्मूला तय नहीं हुआ। नतीजा, पार्टियां अपनी-अपनी सूचियां जारी कर चुकी हैं।

बिहार विधानसभा की कम से कम 8-10 सीटों पर गठबंधन के ही उम्मीदवार आमने-सामने आ गए हैं 5 पर आरजेडी बनाम कांग्रेस, 3 पर कांग्रेस बनाम सीपीआई, और 1 पर वीआईपी बनाम आरजेडी। कांग्रेस नेता अभय दुबे ने कहा, “हम हर सीट पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। कल सुबह तक ऐलान हो सकता है।”

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की, लेकिन सहमति न बनने से उम्मीदवार चिंतित हैं। नामांकन बाद में वापस लिए जा सकते हैं, लेकिन देरी से स्वतंत्र उम्मीदवारों को फायदा हो सकता है। एनडीए इसे कमजोरी बता रहा है, जबकि महागठबंधन नेता दावा कर रहे हैं कि उनकी जीत निश्चित है।


















