20250726 165429

अटल मोहल्ला क्लीनिक का नाम बदलने पर भाजपा का तीखा हमला, अमर बाउरी ने हेमंत सरकार पर लगाए धर्मांतरण के आरोप

रांची : झारखंड में अटल मोहल्ला क्लीनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक करने के हेमंत सोरेन सरकार के फैसले पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ा विरोध जताया है। झारखंड भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने इस निर्णय को एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए सरकार पर धर्मांतरण को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

शनिवार को रांची में प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अमर कुमार बाउरी ने कहा कि अटल मोहल्ला क्लीनिक, जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर शुरू किया गया था, का नाम बदलना झारखंड की जनता की भावनाओं और अटल जी के योगदान का अपमान है। उन्होंने कहा, “अटल जी झारखंड के कण-कण में बसे हैं। उन्होंने 15 नवंबर 2000 को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर झारखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलाया। तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उनके सम्मान में अटल मोहल्ला क्लीनिक शुरू किया था, जिसे हेमंत सरकार ने बदलने का निर्णय लिया है।”

बाउरी ने हेमंत सरकार पर आरोप लगाया कि यह नाम परिवर्तन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए नहीं, बल्कि धर्मांतरण को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा, “मदर टेरेसा का हम सम्मान करते हैं। उनकी सेवा भावना और गरीबों के लिए किए गए कार्य सराहनीय हैं, लेकिन उनकी संस्था ‘निर्मल हृदय’ पर बच्चा चोरी जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं। ऐसी संस्थाएं सेवा के नाम पर लाखों गरीबों को स्वास्थ्य, भोजन और वस्त्र देकर उनकी धार्मिक पहचान और संस्कार बदलने का काम करती रही हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि झारखंड में धर्मांतरण पहले से ही एक गंभीर समस्या है, और इस निर्णय के जरिए सरकार इसे और तेज करने की साजिश रच रही है। श्री बाउरी ने आशंका जताई कि भविष्य में सरकार इन क्लीनिकों को स्वयंसेवी संस्थाओं के हवाले कर सकती है, जिनमें धर्मांतरण में शामिल संगठन सक्रिय हो सकते हैं।

अमर कुमार बाउरी ने सरकार से सवाल किया कि मदर टेरेसा का झारखंड से क्या योगदान है, जिसके आधार पर अटल क्लीनिक का नाम बदला गया। उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन में सरकार ने झारखंड से बाहर के उदाहरण दिए थे, लेकिन अब अचानक मदर टेरेसा झारखंड से कैसे जुड़ गईं? यह केवल राजनीतिक लाभ और तुष्टिकरण की नीति का हिस्सा है।”

अमर कुमार बाउरी ने जोर देकर कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी झारखंड के निर्माता हैं और उनकी देन को कोई मिटा नहीं सकता। उन्होंने कहा, “जब झामुमो, कांग्रेस और राजद जैसे दल झारखंड आंदोलन को बेचने और ऑटोनोमस कॉन्सिल पर सहमति जताने में लगे थे, तब अटल जी ने झारखंड की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए अलग राज्य का सपना साकार किया। आज भी झारखंड का नक्शा वनांचल के रूप में अटल जी की देन है।”

बाउरी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि यदि यह निर्णय उचित है, तो वे सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने इसकी घोषणा करें। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सरकार के मुखिया हैं। यदि वे इस नाम परिवर्तन से सहमत हैं, तो उन्हें खुलकर सामने आना चाहिए।”

भाजपा नेता ने चेतावनी दी कि पार्टी इस साजिश को कामयाब नहीं होने देगी। उन्होंने कहा, “भाजपा एक सशक्त विपक्ष के रूप में इस निर्णय का पुरजोर विरोध करेगी। हम सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन करेंगे और जनता को इस साजिश की सच्चाई बताएंगे।”

Share via
Share via