20250715 171442

झारखंड में कांग्रेस के दावों पर भाजपा का करारा पलटवार: ओबीसी आरक्षण पर नाटक और सरकार में अराजकता का आरोप

रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की प्रेस वार्ता पर तीखा हमला बोला है। प्रतुल ने कांग्रेस को देश की सबसे बड़ी ओबीसी विरोधी पार्टी करार देते हुए 25 जुलाई को प्रस्तावित ओबीसी प्रदर्शन को महज एक नाटक बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से ओबीसी समुदाय के हितों की अनदेखी की है और अब झारखंड में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर सिर्फ दिखावा कर रही है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

कांग्रेस का ओबीसी विरोधी इतिहास

प्रतुल ने कांग्रेस पर मंडल आयोग की सिफारिशों को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “1980 से 1989 तक स्वर्गीय इंदिरा गांधी और स्वर्गीय राजीव गांधी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकारों ने मंडल कमेटी की सिफारिशों को लागू नहीं किया। अगस्त 1990 में जब मंडल कमीशन की रिपोर्ट संसद में पेश की गई, तब तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष राजीव गांधी ने इसका पुरजोर विरोध करते हुए इसे देश को तोड़ने वाला करार दिया था।”

उन्होंने झारखंड में कांग्रेस की गठबंधन सरकार पर भी निशाना साधा। प्रतुल ने कहा कि इस सरकार ने पंचायत और नगर निकाय चुनाव बिना ओबीसी आरक्षण के कराने की कोशिश की, जिसे सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद रोका गया। उन्होंने कहा ट्रिपल टेस्ट और ओबीसी आरक्षण का मामला भी इस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद लटकाया हुआ है।

गठबंधन सरकार में अराजकता

प्रतुल ने गठबंधन सरकार की एकजुटता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के दावे तथ्यों से मेल नहीं खाते। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस के नेता कहते हैं कि कोई नाराजगी नहीं है, लेकिन विधायकों के बयान, मंत्रियों की अनुपस्थिति, और अंसारी परिवार से जुड़ी घटनाएं सरकार की अंदरूनी अराजकता को दर्शाती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की रिम्स टू का विरोध करते हैं, जबकि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी इसका समर्थन करते हैं।

उन्होंने दीपिका पांडे सिंह के अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने और विधायक दल के उप नेता राजेश कच्छप द्वारा मुख्य सचिव के आदेश को अंचलाधिकारी के सामने फेंकने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार में दूल्हे के फूफा वाली स्थिति है। कोई नाराज है, कोई मना रहा है, और रोज सिर्फ ड्रामा हो रहा है।

कांग्रेस का संगठन खस्ता हाल

प्रतुल ने कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष ने स्वीकार किया है कि कांग्रेस का जमीनी संगठन अब तक तैयार नहीं है। इन्होंने कहा कांग्रेस सिर्फ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कंधे पर सवार होकर सत्ता की बैतरणी पार करती रही है। पंचायत स्तर तक संगठन ले जाने की उनकी घोषणाएं खोखली हैं।

प्रतुल ने दावा किया कि भाजपा हमेशा ओबीसी, दलित, और आदिवासी समुदायों के हित में काम करती रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 27 ओबीसी मंत्रियों को शामिल किया गया है, जो सामाजिक समावेशिता का प्रमाण है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि वह अपने ओबीसी विरोधी रवैये और गठबंधन सरकार की अराजकता पर जवाब दे।

Share via
Share via