झारखंड के 26,777 गांवों तक पहुंचेगा ब्रॉडबैंड, 4.39 लाख FTTH कनेक्शन का लक्ष्य
रांची, । झारखंड के ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को बड़ा विस्तार देने की तैयारी है। संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Amended BharatNet Programme-ABP) यानी भारतनेट फेज-III के तहत राज्य के 260 प्रखंडों, 4,395 ग्राम पंचायतों और 26,777 गैर-जीपी गांवों को ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इसी सिलसिले में भारत सरकार के डिजिटल भारत निधि (DBN), झारखंड सरकार और झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (JDICL) के बीच Project Implementation and Support Agreement पर 10 सितंबर को हस्ताक्षर किए गए।
पांच साल में 4.39 लाख FTTH कनेक्शन
कार्यक्रम के तहत अगले पांच वर्षों में 4,39,049 FTTH कनेक्शन उपलब्ध कराने का प्रावधान है। मांग के आधार पर ग्राम पंचायतों और गैर-जीपी गांवों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्शन का विस्तार किया जाएगा।
इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के साथ-साथ सरकारी संस्थानों को भी फाइबर आधारित इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराना है।

4,387 पंचायतों का होगा नेटवर्क अपग्रेड
भारतनेट फेज-III के तहत राज्य की 4,387 मौजूदा ग्राम पंचायतों को Ring Topology में अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा 8 नई ग्राम पंचायतों को Ring Topology के माध्यम से नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
नेटवर्क की क्षमता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए Middle-Mile Infrastructure का निर्माण और उन्नयन भी किया जाएगा।
झारखंड में बनेगा State Network Operations Centre
कार्यक्रम के तहत झारखंड में State Network Operations Centre (SNOC) स्थापित किया जाएगा। इसके जरिए नेटवर्क के संचालन और निगरानी को मजबूत करने की योजना है।
कार्यक्रम के क्रियान्वयन में BSNL की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। BSNL, JDICL को Project Management Consultancy (PMC) सहायता उपलब्ध कराएगा।
गांवों में डिजिटल सेवाओं को मिलेगा आधार
ब्रॉडबैंड नेटवर्क के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और दूसरी डिजिटल सुविधाओं तक पहुंच बढ़ने की उम्मीद है। सरकारी संस्थानों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से ऑनलाइन सरकारी सेवाओं की डिलीवरी भी आसान हो सकती है।
भारतनेट के इस चरण को केंद्र और राज्य सरकार के बीच डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की संयुक्त पहल के तौर पर देखा जा रहा है। अब इसकी वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रस्तावित नेटवर्क और FTTH कनेक्शन कितनी तेजी से और कितने गांवों में जमीन पर पहुंचते हैं।
















