पटना में दो नाबालिग बच्चों की मौत पर बवाल, प्रदर्शनकारियों ने की आगजनी और पथराव
बिहार की राजधानी पटना के इंद्रपुरी इलाके में 15 अगस्त को दो नाबालिग बच्चों की एक पार्क की गई कार में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सोमवार को अटल पथ पर हिंसक प्रदर्शन भड़क उठा। मृतक बच्चों, दीपक कुमार (5) और लक्ष्मी कुमारी (7), के परिजनों और स्थानीय लोगों ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस पर लापरवाही और मामले को दबाने का इल्ज़ाम लगाया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी, कई वाहनों में आग लगा दी और पुलिस पर पथराव किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
प्रदर्शनकारियों ने अटल पथ पर कई वाहनों, जिसमें एक स्कॉर्पियो और दो मोटरसाइकिलें शामिल थीं, को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान एक वीवीआईपी की गाड़ी और पुलिस की एस्कॉर्ट गाड़ी पर भी हमला हुआ, जिसके बाद ड्राइवर और सुरक्षाकर्मी भागने को मजबूर हुए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा, जिसमें छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए।
परिजनों का आरोप है कि बच्चों की हत्या एक स्थानीय शिक्षक ने की, जिन्हें पुलिस बचा रही है। मृतक बच्चों की मां ने दावा किया कि बच्चों के गले और हाथों पर चोट के निशान थे, जो हत्या की ओर इशारा करते हैं। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कोई हमले के संकेत नहीं मिले, और मौत का सटीक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा।
यह प्रदर्शन पिछले कुछ दिनों में तीसरा बड़ा विरोध प्रदर्शन है। इससे पहले 21 और 22 अगस्त को भी स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर टायर जलाए थे। पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पटना पुलिस ने भारी संख्या में बल तैनात किया है, और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। शहर में तनाव बरकरार है, और लोग बच्चों की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।


















