आपके काम की खबर 2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज !

नई दिल्ली: Google Pay, PhonePe, Paytm, WhatsApp Pay समेत UPI के जरिए भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार 2,000 रुपये या उससे अधिक के कुछ UPI लेन-देन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने की व्यवस्था पर विचार कर रही है।
हालांकि, अभी इसे अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता है। 2,000 की सीमा और MDR की दर को लेकर कोई आधिकारिक अंतिम अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

अगले सप्ताह आ सकता है नोटिफिकेशन
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की 21 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार इस संबंध में अगले सप्ताह नोटिफिकेशन जारी कर सकती है। इसमें यह तय किया जा सकता है कि किन इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट माध्यमों को MDR से संबंधित कानूनी व्यवस्था के तहत शामिल किया जाएगा।
इसके बाद NPCI की अध्यक्षता वाली सेवा संचालन समिति MDR की दर, सीमा और इसके दायरे को अंतिम रूप दे सकती है।
क्या UPI करने पर ग्राहक से पैसे लिए जाएंगे?
इस प्रस्ताव को लेकर सबसे बड़ी चिंता यही है कि क्या 2,000 से ज्यादा का UPI भुगतान करने पर ग्राहक को अतिरिक्त चार्ज देना होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, MDR का बोझ सीधे ग्राहक पर डालने का इरादा नहीं है। MDR वह शुल्क होता है जो डिजिटल पेमेंट की सुविधा देने के बदले मर्चेंट पक्ष से लिया जाता है।
यानी अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो ग्राहक के UPI भुगतान के समय अलग से UPI चार्ज लिए जाने की बात फिलहाल नहीं है।

MDR क्या होता है?
MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है जो किसी डिजिटल भुगतान को प्रोसेस करने के लिए मर्चेंट से लिया जाता है। यह शुल्क पेमेंट सिस्टम में शामिल बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर के बीच बांटा जा सकता है।
सरल शब्दों में समझें तो ग्राहक सामान खरीदकर UPI से भुगतान करता है, लेकिन डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने की लागत मर्चेंट पक्ष से वसूली जा सकती है।
UPI पर अभी MDR क्यों नहीं लगता?
UPI को बढ़ावा देने के लिए जनवरी 2020 से UPI लेन-देन पर Zero-MDR व्यवस्था लागू है। इससे कारोबारियों को UPI भुगतान स्वीकार करने पर MDR नहीं देना पड़ता।
अब सरकार सीमित दायरे में MDR की अनुमति देने के लिए पेमेंट सिस्टम से जुड़े नियमों में बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही है।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
अगर प्रस्तावित व्यवस्था लागू होती है तो रोजमर्रा के छोटे भुगतान जैसे दूध, सब्जी, किराना या छोटी खरीदारी पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना कम है।
बड़ा असर उन कारोबारियों पर पड़ सकता है जहां ₹2,000 या उससे ज्यादा के UPI भुगतान बड़ी संख्या में होते हैं। हालांकि, इसका वास्तविक असर तभी स्पष्ट होगा जब सरकार और NPCI अंतिम नियम जारी करेंगे।
अभी 2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर कोई चार्ज शुरू नहीं हुआ
सबसे जरूरी बात यह है कि 2,000 की सीमा अभी आधिकारिक MDR सीमा नहीं है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि आज से ₹2,000 से ज्यादा का हर UPI भुगतान महंगा हो गया है।
फिलहाल यह एक प्रस्तावित व्यवस्था है। अंतिम सीमा, MDR की दर और किन कारोबारियों पर यह लागू होगा, इसकी जानकारी आधिकारिक अधिसूचना आने के बाद ही साफ होगी।















