बंगाल मंत्रिमंडल विस्तार में क्रिकेट की एंट्री, पूर्व तेज गेंदबाज़ अशोक डिंडा बने मंत्री

नवीन कुमार
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में हुए बड़े मंत्रिमंडल विस्तार में राजनीति के साथ-साथ खेल जगत की भी जोरदार एंट्री हुई है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज़ अशोक डिंडा को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सोमवार को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली और इसके साथ ही क्रिकेट से राजनीति तक का उनका सफर एक नए मुकाम पर पहुंच गया।
घरेलू क्रिकेट के दिग्गज रहे हैं डिंडा
अशोक डिंडा भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे सफल तेज गेंदबाज़ों में गिने जाते हैं। बंगाल क्रिकेट टीम के लिए लंबे समय तक उन्होंने गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई की। डिंडा ने भारत के लिए वनडे और टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले भी खेले। इसके अलावा आईपीएल में भी वह कई फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे। भले ही उनका अंतरराष्ट्रीय करियर लंबा नहीं रहा, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन हमेशा चर्चा में रहा।
क्रिकेट से राजनीति तक का सफर
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अशोक डिंडा ने भाजपा का दामन थामा और सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। पार्टी ने उन्हें संगठन और चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दीं। बाद में वह विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने और अब उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डिंडा को मंत्री बनाकर भाजपा ने युवाओं और खेल जगत से जुड़े लोगों को एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की है।
कौन सा विभाग मिलेगा?
फिलहाल राज्य सरकार की ओर से विभागों का अंतिम बंटवारा जारी नहीं किया गया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि अशोक डिंडा को कौन सा मंत्रालय सौंपा जाएगा। हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उन्हें खेल, युवा कल्याण या जनसंपर्क से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी मिल सकती है। आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
भाजपा की रणनीति में क्या है संदेश?
अशोक डिंडा को मंत्री बनाए जाने के पीछे युवाओं को साधने की कोशिश मानी जा रही है। क्रिकेट देश का सबसे लोकप्रिय खेल है। ऐसे में एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर को मंत्री बनाकर भाजपा युवा मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
खेल जगत को प्रतिनिधित्व
राज्य मंत्रिमंडल में खेल क्षेत्र से आने वाले चेहरों की संख्या आमतौर पर कम रही है। डिंडा की एंट्री से सरकार यह संदेश देना चाहती है कि खेल जगत से जुड़े लोगों को भी प्रशासनिक जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
क्षेत्रीय संतुलन की कवायद
अशोक डिंडा का प्रभाव दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में माना जाता है। ऐसे में उनकी नियुक्ति को क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
35 नए मंत्रियों ने ली शपथ
इस मंत्रिमंडल विस्तार में कुल 35 नए मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें 13 कैबिनेट मंत्री, 3 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 राज्य मंत्री शामिल हैं। भाजपा ने उत्तर बंगाल, आदिवासी क्षेत्रों, महिला नेतृत्व और नए सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल का विस्तार किया है।

















