DGCA ने इंडिगो पर लगाया 22.2 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना: दिसंबर में लाखों यात्रियों की परेशानी का कारण बनी उड़ान गड़बड़ी

DGCA ने इंडिगो पर लगाया 22.2 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना: दिसंबर में लाखों यात्रियों की परेशानी का कारण बनी उड़ान गड़बड़ी

Author drishtinow | Edited by drishtinow
Updated: Sat, 17 Jan 2026 04:34 PM (IST)

नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ा एक्शन लिया है। दिसंबर 2025 में हुई बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के चलते DGCA ने इंडिगो पर 22.2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इस घटना से 3 लाख से ज्यादा यात्रियों को भारी परेशानी हुई थी, क्योंकि कई एयरपोर्ट पर लोग फंसे रह गए थे।

इसके अलावा, DGCA ने इंडिगो को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का निर्देश दिया है, ताकि लंबे समय तक सिस्टेमिक सुधार सुनिश्चित हो सकें। यह गारंटी इंडिगो सिस्टेमिक रिफॉर्म एश्योरेंस स्कीम (ISRAS) के तहत है, जिसमें लीडरशिप, मैनपावर प्लानिंग, डिजिटल सिस्टम और बोर्ड ओवरसाइट जैसे क्षेत्रों में सुधार शामिल हैं।

इंडिगो ने DGCA के आदेश का संज्ञान लेते हुए कहा है कि वे इसे गंभीरता से ले रहे हैं और समयबद्ध तरीके से जरूरी कदम उठाएंगे। कंपनी ने बताया कि दिसंबर की घटना के बाद से ही उनके इंटरनल प्रोसेस की गहन समीक्षा चल रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न आए। इंडिगो ने यात्रियों को रिफंड, कंपेंसेशन और कुछ मामलों में अतिरिक्त वाउचर भी दिए थे।

क्या हुआ था दिसंबर में?

3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच इंडिगो ने कुल 2,507 फ्लाइट्स रद्द कीं और 1,852 फ्लाइट्स में देरी हुई। मुख्य कारण था नया फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम लागू करने में विफलता, क्रू (पायलट और केबिन क्रू) की अधिक लोडिंग, ऑपरेशनल प्लानिंग में कमी, और सॉफ्टवेयर सपोर्ट की कमी। जांच कमिटी ने पाया कि एयरलाइन ने ऑपरेशंस को ज्यादा ऑप्टिमाइज करने की कोशिश की, जिससे रोस्टर में बफर कम हो गया और सिस्टम चरमरा गया।

यह कार्रवाई यात्रियों के हितों की रक्षा और एविएशन सेक्टर में बेहतर अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में DGCA का मजबूत कदम माना जा रहा है। इंडिगो ने जल्द ही नॉर्मल ऑपरेशंस बहाल कर लिए थे, लेकिन इस घटना ने पूरे इंडस्ट्री के लिए सबक छोड़ा है।

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