20251107 190349

झारखंड भाजपा ने ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर धूमधाम से सामूहिक गान कार्यक्रम आयोजित किया

रांची : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के झारखंड प्रदेश इकाई ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विभिन्न जिलों में सामूहिक गान कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर प्रदेश मुख्यालय रांची सहित रांची महानगर, धनबाद, देवघर और दुमका में कार्यक्रम संपन्न हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रगीत के माध्यम से भारत माता की आराधना और स्वतंत्रता संग्राम की भावना को जीवंत करना था।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

कार्यक्रम की प्रदेश संयोजक एवं प्रदेश मंत्री सुनीता सिंह ने बताया कि यह आयोजन राष्ट्रभक्ति की अनुभूति कराने के लिए किया गया। सामूहिक गान का नेतृत्व सुनीता सिंह, सीमा सिंह, राजश्री जयंती, शालिनी नायक और शिवपूजन पाठक ने किया। कार्यक्रम में सैकड़ों कार्यकर्ता एवं आमजन शामिल हुए।

प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर झारखंड की जनता को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “साक्षात् दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती स्वरूपा हैं भारत माता।” मरांडी ने बताया कि भारत ने हजार वर्षों तक गुलामी के खिलाफ संघर्ष किया, लेकिन सांस्कृतिक चेतना हमेशा जागृत रही। 1875 में कवि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत मनीषियों की प्रेरणा से जन्मा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अन्याय के खिलाफ लड़ती भारत माता दुर्गा हैं, सम्पन्नता लक्ष्मी हैं और ज्ञान-विज्ञान सरस्वती हैं। महर्षि अरविंद और स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुषों ने भी इसी जीवंत अनुभव को व्यक्त किया।

प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने कहा, “दुनिया प्राचीन भारत भूभाग ही है जिसने धरती को माता माना।” उन्होंने बताया कि प्राचीन भारतीय संस्कृति ने धरती को मिट्टी का टुकड़ा नहीं, बल्कि मातृभूमि माना। इसी भाव से ‘वंदे मातरम’ के स्वर फूटे। साहू ने कहा कि भारत वंदन, अभिनंदन और पूजन की धरती है। भाजपा ने ‘राष्ट्र प्रथम’ को अपना संकल्प बनाया है।

प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने राष्ट्रगीत को ‘गीत नहीं, मंत्र’ करार दिया। उन्होंने कहा, “वंदे मातरम गीत नहीं मंत्र है।” सिंह ने जोर दिया कि ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ की भावना से ही विकसित, आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी भारत का स्वप्न साकार होगा।

विधायक सीपी सिंह ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ जागृत भारत और दिव्य भारत की वंदना है। इसमें प्राकृतिक सौंदर्य के साथ आध्यात्मिक भाव भी पिरोए गए हैं।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद प्रो. यदुनाथ पांडेय ने भावुक होकर कहा, “आजादी के दीवानों ने वंदे मातरम गाकर फांसी के फंदे को चूम लिया।” उन्होंने बताया कि भारत की भूमि पर जन्म लेने के लिए देवता भी लालायित रहते हैं। स्वतंत्रता संग्राम में लाखों सेनानियों के लिए यह गीत ताकत का स्रोत था।

प्रदेश उपाध्यक्ष विकास प्रीतम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “कांग्रेस ने वंदे मातरम के खिलाफ लगातार षड्यंत्र रचा।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वोट बैंक और सांप्रदायिकता के नाम पर राष्ट्रगीत को निशाना बनाया। मुस्लिम लीग के दबाव में राष्ट्रीय अधिवेशन में गान पर रोक लगाई गई।

कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कार्यालय मंत्री हेमंत दास ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश मंत्री एवं सह-संयोजक मनोज महतो ने किया। आयोजन में प्रदीप सिन्हा, रमाकांत महतो, राफिया नाज, पवन साहू, अमरदीप यादव, राजू सिंह, बलराम सिंह, ऊषा पांडेय, सीमा शर्मा, रागिनी सिन्हा, प्रेम मित्तल, कमाल खान, लक्ष्मी चंद्र दीक्षित, उमा शंकर केडिया, संदीप वर्मा, रमेश सिंह, माया सिंह सिसोदिया, प्रमोद पांडेय, प्रमोद मिश्रा, वसंत मित्तल, योगेंद्र लाल, मनीष वैद्य, तारिक इमरान, डॉ. तान्या, संजय चौधरी, अनिल सिंह, संजय महतो सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

Share via
Share via