गणिनाथ गोविंद पूजनोत्सव में दिखी समाज की एकजुटता, बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

निर्मल सिंह
गुमला: बस स्टैंड स्थित सुड़ी धर्मशाला में शनिवार को श्री गणिनाथ गोविंद सेवा समिति की ओर से गणिनाथ गोविंद पूजनोत्सव सह सामाजिक मिलन समारोह का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता के इस कार्यक्रम में गुमला समेत सिसई, चैनपुर, डुमरी, पालकोट, टोटो और घाघरा के अलावा रांची, लोहरदगा और जशपुर से मध्यदेशीय-कानू वैश्य समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत बाबा गणिनाथ गोविंद की पूजा-अर्चना, हवन, आरती, ध्वजारोहण और प्रसाद वितरण के साथ हुई। श्रद्धालुओं ने समाज की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। रांची से पहुंचे अतिथियों का समिति की ओर से अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया।

समारोह में बच्चों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों ने नृत्य और संगीत के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ सराहा। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ाया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बाबा गणिनाथ गोविंद के जीवन और उनके सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबा गणिनाथ नाथ परंपरा के सिद्ध योगी और हलवाई कुल के प्रवर्तक माने जाते हैं। उन्होंने समाज को धर्म, सदाचार और सामाजिक मूल्यों का संदेश दिया। वक्ताओं ने समाज में एकता बनाए रखने के साथ शिक्षा को प्राथमिकता देने और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए समाज के लोगों ने आपसी मेल-मिलाप किया और सामाजिक रिश्तों को मजबूत करने का संकल्प लिया। पूरे समारोह में एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता की झलक देखने को मिली।

आयोजन को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष दिनेश प्रसाद, सचिव सुरेंद्र प्रसाद, संयोजक अनिकेत कुमार सहित अमित प्रसाद, दिलीप प्रसाद, विकास कुमार, विनय गुप्ता, केदार गुप्ता, संजय अकेला, राज कुमार प्रसाद, सुरेश शोहदा, अनिल गुप्ता, विजय लाल, ओम प्रकाश साह, राज किशोर, कृष्णा प्रसाद आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।















