अराजपत्रित कर्मचारियों की मांगों पर सरकार एक्टिव, विभागों को नोटिस।
हेमंत सोरेन सरकार ने 21 सूत्री मांगों पर विभागों को भेजा रिमाइंडर लेटर।

झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की लंबित 21 सूत्री मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सरकार ने सभी संबंधित विभागों को रिमाइंडर लेटर भेजा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!महासंघ ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 11 जुलाई 2025 को ही सभी विभागों को त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया था, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं हुई। इसके बाद 22 अगस्त को भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया था। अब एक बार फिर सभी विभागों के सचिवों, स्वास्थ्य, वित्त, कार्मिक, कृषि, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, जामताड़ा उपायुक्त तथा JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई है।
मुख्य मांगे:
सहकारिता प्रसार पदाधिकारी और निरीक्षक संवर्ग को केंद्र के अनुरूप संशोधित वेतनमान और 4600 ग्रेड पे।
JSLPS के ऑफिस बॉय, अटेंडेंट और हाउसकीपर को संशोधित मानदेय, अवकाश सुविधा और स्थाई समायोजन।
JSLPS में डेटा एंट्री ऑपरेटर, BPM, PRP और BAP संवर्ग के लिए वेतन पुनर्संरचना और स्थायी समायोजन।
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत MPW कर्मचारियों का स्थायी समायोजन।
पंचायत सचिव, मुफ्फसिल लिपिक और जनसेवक संवर्ग को उच्च ग्रेड पे।
सभी संविदा, अनुबंध, दैनिक वेतनभोगी, कंप्यूटर ऑपरेटर और आउटसोर्सिंग कर्मियों का स्थायी समायोजन।
सभी कर्मचारियों को राज्य स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ और 10 वर्ष सेवा पूर्ण करने पर पदोन्नति
महासंघ ने यह भी कहा है कि लंबित बकाया वेतन समेत विभिन्न व्यक्तिगत मामलों पर भी मुख्यमंत्री सचिवालय से विभागों को पत्र भेजे गए हैं।
महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह और अध्यक्ष मंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आभार जताते हुए उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही अधिसूचना जारी करेगी।

















