कमिटेड क्राइम हुआ नही, तो फिर रघुवर दास पर पीसी एक्ट कैसे लागू होगा : दीपक प्रकाश.

कमिटेड क्राइम हुआ नही, तो फिर रघुवर दास पर पीसी एक्ट कैसे लागू होगा : दीपक प्रकाश.

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राँची : राजनीति में छोटे दिल वाले बड़ा काम नही कर सकते। बड़ा काम करने के लिए, राज्य को विकसित करने के लिए दिल बड़ा होना चाहिए। सत्ता आती है और सत्ता जाती है इसलिए राजनीति में राजनीतिक विद्वेष की भावना से काम होगा तो राज्य का राजनीतिक वातावरण प्रदूषित होगा, यह बात भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस को। सम्बोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने कही।

श्री प्रकाश ने कहा कि यह मामला 4 वर्ष पूर्व का है जिसमे उस वक्त सम्पन्न राज्यसभा चुनाव में विधायक निर्मला देवी ने आरोप लगाया था। रघुवर दास की सरकार के समय कानूनन कार्य मे कभी अवरोध उत्पन्न नही किया गया।उस जांच में पिछली सरकार चाहती तो राजनीतिक हस्तक्षेप कर केस को ठंढे बस्ते में डाल सकती थी, लेकिन भाजपा सरकार इन चीजो में विश्वास नही करती।

उन्होंने कहा कि अब यूपीए गठबंधन में हेमन्त सोरेन की सरकार आई है। सभी को पता है उस केस में कुछ भी नही मिला। अब राज्य सरकार के इशारे पर इस केस में नई धाराएं लगाकर और नए षडयंत्र करके राजनीतिक शत्रुता का उदाहरण पेश किया जा रहा। कहा कि भाजपा को न्यायलय और कानून पर पूरा भरोसा है। और भाजपा की कभी भी कानून और न्यायपालिका में अवरोध करने की।मानसिकता नही है। न्यायालय में दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा,यह निश्चित है।

आगे उन्होंने कहा कि जिस तरह से राज्य सरकार के इशारे पर रघुवर जी पर पीसी एक्ट अलग से लगाया गया है,वह गैर कानूनी है। कहा कि पीसी एक्ट वहां लागू होता है जहां क्राइम कमिटेड होता है। इस केस में क्राइम हुआ ही नही उस पर यह एक्ट लागू नही हो सकता। कहा कि सिर्फ शंका के आधार पर पीसी एक्ट लागू नही होता।

राज्यसभा चुनाव में निर्मला देवी अपने कांग्रेस के एजेंट को अपना वोट दिखाकर कांग्रेस के प्रत्याशी को अपना वोट दी है। इसका अर्थ है कि क्राइम हुआ ही नही। क्राइम तब होता जब निर्मला देवी भाजपा प्रत्याशी को वोट देती। इसलिए इस केस में कानून की नज़र में धारा का कोई उपयोग ही नही है। इसलिए भाजपा इस तरह की कारवाई की कड़ी शब्दो मे निंदा करती है।

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