रिम्स में आधुनिक स्वास्थ्य एवं डिजिटल सुविधाओं का लोकार्पण, 94 सहायक प्राध्यापकों की होगी नियुक्ति

रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में बुधवार को स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। रिम्स के नए अकादमिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में अत्याधुनिक डिजिटल मैमोग्राफी, सेंट्रल लेबोरेटरी, BSNL-प्रबंधित Wi-Fi एवं CCTV कमांड कंट्रोल रूम, ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी ऑपरेशन थिएटर, e-Sushrut HMIS Jharkhand तथा ऑनलाइन मरीज अपॉइंटमेंट प्रणाली का शुभारंभ किया गया। इस दौरान नव-नियुक्त फैकल्टी सदस्यों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार रिम्स को देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही 94 सहायक प्राध्यापकों के पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा।
कांके विधायक एवं रिम्स गवर्निंग बॉडी के सदस्य सुरेश बैठा ने कहा कि रिम्स झारखंड की पहचान बन चुका है और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए RIMS-2 की स्थापना समय की मांग है।
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि सरकार रिम्स में मानव संसाधन, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है।

रिम्स के निदेशक प्रो. (डॉ.) डी.के. सिन्हा ने कहा कि 250 एमबीबीएस सीटों की स्वीकृति, नई डिजिटल सुविधाएं और फैकल्टी नियुक्तियां संस्थान के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार के सहयोग से रिम्स राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने उम्मीद जताई कि नव-नियुक्त शिक्षक और अधिकारी चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं मरीजों की बेहतर सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। साथ ही, प्रस्तावित RIMS-2 को झारखंड में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम पहल बताया गया।
















