Jamshedpur: Demands Rise to Reschedule School Timings

जमशेदपुर में भीषण गर्मी का कहर: स्कूलों के समय में बदलाव की उठी मांग, ‘हीट वेव’ के यलो अलर्ट से बढ़ी चिंता

जमशेदपुर में भीषण गर्मी का कहर: स्कूलों के समय में बदलाव की उठी मांग, ‘हीट वेव’ के यलो अलर्ट से बढ़ी चिंता

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Jamshedpur: Demands Rise to Reschedule School Timings

नीरज  तिवारी /जमशेदपुर

जमशेदपुर: लौहनगरी समेत पूरे कोल्हान संभाग में सूरज के तल्ख तेवरों ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जमशेदपुर का पारा 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच झूल रहा है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। इस बीच, मौसम विभाग द्वारा जारी हीट वेव (लू) के यलो अलर्ट ने अभिभावकों और सामाजिक संगठनों की चिंता बढ़ा दी है।

दोपहर की छुट्टी बनी बच्चों के लिए आफत

वर्तमान में सरकारी और निजी स्कूलों की कक्षाएं दोपहर 1:30 बजे तक संचालित हो रही हैं। यह दिन का वह समय होता है जब धूप और लू का प्रभाव सबसे चरम पर होता है। तपती सड़कों और स्कूल बसों/वैन में घर लौटते मासूम बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। निर्जलीकरण (Dehydration) और हीट स्ट्रोक के खतरे को देखते हुए अब प्रशासन से दखल की मांग की जा रही है।

सुबह 6:30 से 11:30 बजे तक स्कूल चलाने की मांग

अभिभावक संघ और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर स्कूलों के समय में तत्काल बदलाव करने की अपील की है। मांग की गई है कि:

सभी कोटि के स्कूलों (सरकारी एवं निजी) का संचालन सुबह 6:30 बजे से दोपहर 11:30 बजे तक ही किया जाए।
कक्षाओं में पंखे और स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो।
भीषण गर्मी को देखते हुए खेल-कूद जैसी बाहरी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।

मौसम विभाग की चेतावनी: अभी और बढ़ेगा पारा

रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आगामी कुछ दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस  की और बढ़ोतरी होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो जमशेदपुर का पारा 44-45 डिग्री तक पहुंच सकता है।

जिला प्रशासन के निर्णय पर टिकी नजरें

स्थानीय लोगों का कहना है कि पड़ोसी जिलों में बढ़ती गर्मी को देखते हुए समय परिवर्तन की कवायद शुरू हो गई है, ऐसे में जमशेदपुर जिला प्रशासन को भी बच्चों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए जल्द आधिकारिक आदेश जारी करना चाहिए।

डॉक्टरों की सलाह: भीषण गर्मी के बीच बच्चों को ओआरएस (ORS), नींबू पानी और सूती कपड़ों के साथ ही स्कूल भेजें। धूप में सीधे संपर्क से बचने के लिए सिर को ढंक कर रखें।

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