Jharakhand liquor scam

Jharkhand Liquor Scam : ED दफ्तर पहुंचे पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव, मीडिया से बोले- ’23 साल पुलिस में रहा हूं, बाहर कुछ नहीं बोलूंगा’

Jharkhand Liquor Scam: झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव मंगलवार को रांची स्थित ईडी दफ्तर पहुंचे। शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे पूछताछ जारी है।

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रांची: झारखंड में शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई तेज हो गई है। इसी सिलसिले में राज्य के पूर्व मंत्री और लोहरदगा से कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव मंगलवार को रांची के हिनू स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे। जांच एजेंसी इस कथित घोटाले और उससे जुड़ी कड़ियों को लेकर उनसे विस्तार से पूछताछ कर रही है।

‘मैं 23 साल पुलिस में रहा हूं, गवाह बाहर नहीं बोलते’

ईडी कार्यालय में प्रवेश करने से पहले वहां मौजूद पत्रकारों ने जब पूर्व मंत्री से पूछताछ को लेकर सवाल किए, तो उन्होंने अपने पुराने अनुभवों का हवाला दिया। रामेश्वर उरांव ने मीडिया से कहा, मैं 23 सालों तक पुलिस सेवा में रहा हूं और नियमों को अच्छी तरह समझता हूं। कानून के मुताबिक, गवाह बाहर आकर बयान नहीं देते हैं। आज पूछताछ खत्म होने के बाद भी जब मैं बाहर आऊंगा, तो मीडिया के सामने कुछ नहीं बोलूंगा।”

बेटे रोहित उरांव से ईडी ने 10 घंटे तक की पूछताछ

शराब घोटाले के इस मामले में ईडी की टीम बेहद सक्रिय नजर आ रही है। रामेश्वर उरांव की पेशी से ठीक एक दिन पहले, यानी सोमवार को उनके बेटे रोहित उरांव को भी समन देकर बुलाया गया था। ईडी के अधिकारियों ने रोहित उरांव से करीब 10 घंटे तक गहन पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। बेटे से मिली जानकारियों के आधार पर ही अब मंगलवार को पूर्व मंत्री से सवाल-जवाब किए जा रहे हैं।

क्या है पूरा मामला और 2023 की छापेमारी?

झारखंड का यह कथित शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला साल 2023 से ही सुर्खियों में है।

32 ठिकानों पर कार्रवाई: साल 2023 में ईडी ने इस मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य भर के करीब 32 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी।

आवास से कैश बरामदगी: इस छापेमारी की जद में पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव का आवास भी आया था। तब जांच एजेंसी ने उनके घर से करीब 30 लाख रुपये की नकद राशि बरामद की थी।

इसी बरामदगी और शराब सिंडिकेट के वित्तीय लेन-देन के स्रोतों का पता लगाने के लिए ईडी अब इस मामले से जुड़े रसूखदारों पर शिकंजा कस रही है।

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