JPSC PT रिजल्ट विवाद : देवेंद्र नाथ महतो ने राज्यपाल से की मुलाकात, परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की उठी मांग
JPSC PT रिजल्ट विवाद पर भड़के देवेंद्र नाथ महतो, राज्यपाल से की मुलाकात। परीक्षा रद्द करने, सीबीआई जांच और आयोग की मनमानी के खिलाफ युवा सड़क पर। पूरी खबर पढ़ें।

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा जारी पीटी परीक्षा परिणाम को लेकर राज्य के युवाओं का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है। जेएलकेएम (JLKM) के फायर ब्रांड नेता देवेंद्र नाथ महतो ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ राजभवन पहुंचकर राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की और जेपीएससी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
मुख्य आरोप
देवेंद्र नाथ महतो ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में जेपीएससी पर अपने ही नियमों को ‘तार-तार’ करने का आरोप लगाया है:
हस्ताक्षर और पारदर्शिता का अभाव: रिजल्ट में किसी भी सक्षम अधिकारी या मेंबर के हस्ताक्षर नहीं हैं और न ही आयोग ने आधिकारिक कट-ऑफ मार्क्स जारी किए हैं।
मनमानी चयन प्रक्रिया: छात्रों का आरोप है कि बिना किसी स्पष्ट मानक के अलग-अलग राज्यों से उम्मीदवारों का चयन किया गया है, जो स्थानीय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
तैयारी के लिए समय नहीं: हाईकोर्ट के निर्देशों (परीक्षा तिथि से 45 दिन पहले सूचना) की अनदेखी करते हुए, पीटी परिणाम के महज 16 दिन बाद ही मुख्य परीक्षा की तारीखें (18, 19, 20 जुलाई) घोषित कर दी गई हैं।
अन्य परीक्षाओं से टकराव: इसी दौरान JSSC फील्ड वर्कर, UPSC CAPF और UGC NET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी हैं, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।
OMR शीट की गोपनीयता पर बड़ा सवाल: सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ओएमआर (OMR) शीट को लेकर महतो ने गंभीर डेटा विसंगतियां उजागर की हैं। उन्होंने कहा, “जिस छात्र ने पेपर-2 में 98 प्रश्न सही किए, वह पेपर-1 में मात्र 48 प्रश्न कैसे बना सकता है? आयोग यह बताए कि छात्रों की गोपनीय ओएमआर शीट बाहर कैसे आ रही है? क्या ओएमआर के साथ छेड़छाड़ की जा रही है?”
राज्यपाल का आश्वासन और आगे की रणनीति:
देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि राज्यपाल संतोष गंगवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित फाइल को मुख्यमंत्री कार्यालय भेजने का आश्वासन दिया है। राज्यपाल ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने की सलाह दी है। और कहा कि इस मुद्दे पर विधायक जयराम महतो से भी बात हुई है उन्होंने कहा है कि छात्रों के हक की लड़ाई हर हाल में लड़ी जाएगी। यदि परीक्षा रद्द नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और मामला न्यायालय तक ले जाया जाएगा।
देवेंद्र नाथ महतो प्रतिनिधिमंडल की मांग
तत्काल प्रभाव से विवादास्पद परीक्षा परिणाम रद्द हो।
पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच हो।
आयोग के दोषी पदाधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
पूर्ण पारदर्शिता के साथ परीक्षा आयोजित की जाए।
Also Read :
झारखंड में पुलों की ‘भ्रष्टाचार गाथा’: एसीबी की क्लीन चिट, विभाग ने माना- बड़ी गड़बड़ियाँ हुई हैं
















