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झारखंड की स्वास्थ्य क्रांति को राष्ट्रीय सम्मान: चंडीगढ़ शिखर सम्मेलन में AMB T-4 ऐप और एकीकृत शिशु देखभाल मॉडल को मिला पुरस्कार

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चंडीगढ़/रांची : स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चंडीगढ़ में 30 अप्रैल से 1 मई 2026 तक आयोजित 10वें राष्ट्रीय स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन (National Summit on Innovation and Inclusivity) में झारखंड की दो प्रमुख स्वास्थ्य पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली है।

राज्य के AMB T-4 (Test, Treat, Talk, Track) मोबाइल एप्लिकेशन को पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जबकि एकीकृत HBNC एवं HBYC मॉड्यूल (Integrated Home Based Newborn Care & Home Based Young Child Care) को देश की सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं के रूप में पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

इस प्रतिष्ठित सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने किया। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और राज्य स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव भी उपस्थित रहे।

AMB T-4 ऐप: एनीमिया मुक्त भारत की दिशा में डिजिटल क्रांति

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने सम्मेलन में बताया कि सितंबर 2022 से लागू AMB T-4 ऐप राज्य में एनीमिया की चुनौती से निपटने के लिए एक प्रभावी डिजिटल टूल साबित हुआ है।

13 अप्रैल 2026 तक ऐप के माध्यम से हासिल उपलब्धियां:

– 11 लाख से अधिक लाभार्थियों का पंजीकरण
– 13.4 लाख हीमोग्लोबिन परीक्षण
– 8,000 से अधिक गंभीर एनीमिया मामलों को सफलतापूर्वक रेफरल
– 8,600 से अधिक लाभार्थी एनीमिया मुक्त होकर सामान्य श्रेणी में शामिल

यह ऐप Test-Treat-Talk-Track की रणनीति पर काम करता है और सहिया (ASHA) तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के संयुक्त गृह भ्रमण को भी मजबूत बनाता है। सम्मेलन में इसे स्वास्थ्य सेवाओं में समावेशिता और प्रौद्योगिकी के बेहतरीन तालमेल का उत्कृष्ट उदाहरण माना गया।

एकीकृत HBNC-HBYC मॉड्यूल: समुदाय आधारित शिशु देखभाल का अनूठा मॉडल

झारखंड ने नवजात शिशु और छोटे बच्चों की गृह आधारित देखभाल को सुदृढ़ करने के लिए Integrated HBNC & HBYC प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित किया है। यह मॉडल सहिया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से समुदाय स्तर पर शिशु सुरक्षा सुनिश्चित करता है और पूरे देश के लिए एक रिप्लिकेबल बेस्ट प्रैक्टिस बन गया है।

अन्य उपलब्धियां

– झारखंड को NQAS (National Quality Assurance Standards) में पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।
– राज्य में 631 आयुष्मान केंद्र NQAS प्रमाणित हुए हैं।

शशि प्रकाश झा ने पुरस्कार ग्रहण करते हुए कहा, “ मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में झारखंड सरकार गांव-गांव तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही है। ये नवाचार एनीमिया मुक्त भारत और नवजात सुरक्षा की दिशा में राज्य के प्रयासों को मजबूत बनाते हैं।”

पुरस्कार ग्रहण के दौरान उनके साथ डॉ. विजय रजक (नोडल पदाधिकारी, शिशु स्वास्थ्य), अनिमा किस्कू (एसपीएम) और प्रीतिश भी उपस्थित रहे।

सम्मेलन का उद्देश्य

यह शिखर सम्मेलन स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रमुख पहल है, जिसका मकसद राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अपनाई गई नवोन्मेषी और प्रभावी पद्धतियों को प्रदर्शित करना, उन्हें मान्यता देना और दस्तावेजीकरण करना है। इसमें एनएचएसआरसी और क्षेत्रीय संसाधन केंद्र-पूर्वोत्तर के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

झारखंड के इन डिजिटल और समुदाय-आधारित नवाचारों को अब पूरे देश के लिए उदाहरण माना जा रहा है, जो एनीमिया मुक्त भारत, नवजात शिशु सुरक्षा और समावेशी स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रहे हैं।

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