जोन्हा फॉल को मिलेगा नया स्वरूप, अंतरराष्ट्रीय इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी शुरू

रांची: झारखंड सरकार राज्य में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। एक ओर राजधानी दिल्ली में ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन’ के माध्यम से राज्य के पर्यटन विकास की दीर्घकालिक रणनीति तैयार की जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास की कवायद भी जमीन पर शुरू हो गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर शुक्रवार को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की एक उच्चस्तरीय टीम ने रांची के प्रसिद्ध जोन्हा फॉल का विस्तृत निरीक्षण किया। टीम का नेतृत्व विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ-हॉफ) संजीव कुमार ने किया।
विश्वस्तरीय सुविधाओं पर रहेगा फोकस
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पूरे पर्यटन परिसर का बारीकी से जायजा लिया। टीम ने पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया। साथ ही उन सभी आवश्यक सुधारों और आधारभूत सुविधाओं की सूची तैयार की गई, जिनकी मदद से जोन्हा फॉल को अंतरराष्ट्रीय स्तर के इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके।
इन सुविधाओं को किया जाएगा बेहतर!
प्रारंभिक योजना के तहत पर्यटन स्थल पर आगंतुकों के लिए बेहतर पेयजल व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, सुरक्षित पैदल मार्ग, बैठने की समुचित व्यवस्था, आधुनिक साइनेज, पार्किंग, कचरा प्रबंधन, हरित क्षेत्र का संरक्षण, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा प्राकृतिक सौंदर्य को सुरक्षित रखते हुए पर्यावरण अनुकूल विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रकृति संरक्षण और पर्यटन का होगा संतुलन
वन विभाग का उद्देश्य केवल पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करना नहीं है, बल्कि जोन्हा फॉल की प्राकृतिक पहचान और जैव विविधता को संरक्षित रखते हुए इसे एक आदर्श इको-टूरिज्म मॉडल के रूप में विकसित करना है। विभाग चाहता है कि यहां आने वाले पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं भी मिलें और प्राकृतिक वातावरण भी पूरी तरह सुरक्षित रहे।
स्थानीय लोगों को भी मिलेगा लाभ
सरकार की इस पहल से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होने से स्थानीय हस्तशिल्प, खान-पान, गाइड सेवा और अन्य छोटे व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
पर्यटन मानचित्र पर मजबूत होगी झारखंड की पहचान
राज्य सरकार का मानना है कि यदि जोन्हा फॉल को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाता है तो यह न केवल देश बल्कि विदेशों से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है। सरकार की कोशिश है कि झारखंड के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर राज्य को देश के प्रमुख इको-टूरिज्म गंतव्यों में शामिल किया जाए।
















