गढ़वा की राजनीति में बड़ा भूचाल: जेएमएम विधायक अनंत प्रताप देव के खिलाफ उन्हीं के साथी दीपक प्रताप देव ने खोला मोर्चा

भवनाथपुर (गढ़वा): झारखंड के गढ़वा जिले की राजनीति में एक बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है। भवनाथपुर विधानसभा सीट पर कभी विधायक अनंत प्रताप देव के सबसे मजबूत स्तंभ रहे ‘भोजपुर गढ़’ के युवराज और जेएमएम नेता दीपक प्रताप देव ने अब उन्हीं के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है।
आज अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में सैकड़ों समर्थकों के साथ पहुंचे दीपक प्रताप देव ने वर्तमान विधायक अनंत प्रताप देव पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विधायक को क्षेत्र के विकास से कोई सरोकार नहीं है, वे केवल अपने निजी हितों को साधने में व्यस्त हैं।
हमने जिताया, अब उन्हीं से दूरी
दीपक प्रताप देव ने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि भाजपा के कद्दावर नेता भानू प्रताप साही को हराना कोई मामूली चुनौती नहीं थी। उस समय पार्टी ने तीन नेताओं को एक मंच पर लाया था, जिसमें वह स्वयं प्रमुख थे। दीपक देव का दावा है कि उनके और उनके समर्थकों की कड़ी मेहनत का ही परिणाम था कि अनंत प्रताप देव चुनाव जीते।
लेकिन जीत के डेढ़ साल बाद ही तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। दीपक देव ने स्पष्ट किया कि,
“अनंत प्रताप देव मेरे बड़े भाई हो सकते हैं, लेकिन राजनीतिक तौर पर अब मैंने उनसे पूरी दूरी बना ली है। विधायक बनने के बाद से ही उन्होंने हमारे समर्थकों को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया है। अब वे पहले वाले अनंत प्रताप देव नहीं रहे।”
2029 चुनाव का कर दिया ऐलान
इस प्रेस वार्ता के दौरान दीपक प्रताप देव ने 2029 का विधानसभा चुनाव खुद लड़ने का ऐलान करके भवनाथपुर के सियासी तापमान को बढ़ा दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विधायक ने अपने क्षेत्र में विकास का कोई भी बड़ा काम नहीं किया है।
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दीपक देव ने विधायक के राजनीतिक इतिहास पर निशाना साधते हुए कहा, “एक समय था जब उन्होंने कांग्रेस का टिकट एयरपोर्ट पर फेंककर भाजपा का दामन थाम लिया था। अब उनकी अगली चाल क्या होगी और वे फिर किस पाले में जाएंगे, यह कोई नहीं जानता।”
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राज्यसभा चुनाव के बाद आए बदलावों पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक देव ने कहा कि जीत के बाद विधायक का व्यवहार पूरी तरह बदल गया है, जिससे क्षेत्र के कार्यकर्ता बेहद आहत हैं।
















