ई-कोर्ट प्रणाली से न्यायिक सेवाएं होंगी अधिक सुलभ और पारदर्शी: सचिव मरियम हेमरोम

शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा: झारखंड न्यायिक अकादमी, रांची के निर्देशानुसार ई-कोर्ट क्षमता निर्माण कार्यक्रम के तहत जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं एवं अधिवक्ता क्लर्कों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए ई-कोर्ट की डिजिटल सेवाओं की जानकारी देना था।
प्रशिक्षण का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम, चीफ एलएडीसीएस प्रभात कुमार श्रीवास्तव तथा अधिवक्ता संजय महतो ने किया। इसमें जिले के अधिवक्ताओं और अधिवक्ता क्लर्कों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रशिक्षण के दौरान ई-कोर्ट परियोजना के उद्देश्य, ई-फाइलिंग, केस स्टेटस, कॉज लिस्ट, आदेश एवं निर्णय डाउनलोड करने की प्रक्रिया, वर्चुअल कोर्ट, डिजिटल दस्तावेजों के उपयोग तथा न्यायालयों में उपलब्ध अन्य ऑनलाइन सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही प्रतिभागियों को इन सेवाओं का व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया, ताकि वे अपने दैनिक कार्यों में तकनीक का प्रभावी उपयोग कर सकें।
सचिव मरियम हेमरोम ने कहा कि न्यायपालिका तेजी से डिजिटल व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। ऐसे में अधिवक्ताओं और उनके क्लर्कों का ई-कोर्ट प्रणाली की सभी सुविधाओं से परिचित होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ई-कोर्ट परियोजना का उद्देश्य न्यायिक सेवाओं को आम लोगों के लिए अधिक सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। तकनीक के बेहतर उपयोग से मुकदमों के संचालन में तेजी आएगी और न्यायालयों में अनावश्यक भीड़ भी कम होगी।
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि ई-कोर्ट सेवाओं के माध्यम से अधिवक्ता और वादकारी घर बैठे अपने मामलों की स्थिति, सुनवाई की तिथि, आदेश और अन्य आवश्यक जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। इससे समय की बचत होने के साथ न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी बनेगी।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें ई-कोर्ट की डिजिटल सुविधाओं का अधिकाधिक उपयोग करने और अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

















