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एमएमडीआर एक्ट पर केंद्र को घेरा, कुणाल षाड़ंगी बोले- खनिज संपदा पर राज्य के अधिकार से समझौता नहीं

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जमशेदपुर: खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2026 को लेकर झारखंड में सियासी विवाद जारी है। इसी क्रम में झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने सोमवार को जमशेदपुर परिसदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा, राज्य के राजस्व अधिकार और जल-जंगल-जमीन से जुड़े हितों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

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कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि 19 सितंबर को झामुमो के आह्वान पर राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों में आयोजित धरना-प्रदर्शन इस मुद्दे पर जनता की प्रतिक्रिया का संकेत है। झामुमो के अनुसार राज्य के 260 प्रखंडों में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे गए।

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उन्होंने कहा कि एमएमडीआर संशोधन केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के वित्तीय अधिकारों से जुड़ा विषय है। झामुमो का दावा है कि संशोधन के कारण झारखंड को प्रतिवर्ष करीब 14 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है। राज्य के वित्त मंत्री भी इस संभावित नुकसान को लेकर चिंता जता चुके हैं।

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कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि खनिज संपदा से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेंशन और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में होता है। ऐसे में कानून के दूरगामी आर्थिक प्रभाव पर गंभीरता से विचार जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने इतना बड़ा फैसला लेने से पहले राज्य सरकार से पर्याप्त चर्चा नहीं की।

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उन्होंने कहा कि खनिज आधारित उद्योगों के संचालन में स्थानीय परिस्थितियों, परिवहन, विस्थापन और प्रदूषण जैसे मुद्दों को भी ध्यान में रखना चाहिए। संघीय ढांचे का सम्मान करते हुए केंद्र को राज्यों के साथ संवाद करना चाहिए। उन्होंने भाजपा नेताओं से झारखंड के खनिज संसाधनों और उससे मिलने वाले राजस्व के सवाल पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

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हालांकि, इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का रुख अलग है। केंद्र के अनुसार एमएमडीआर संशोधन से राज्यों के भूमि और खनिज संबंधी अधिकार समाप्त नहीं होते तथा खनन क्षेत्र से मिलने वाले कुल करों और वैधानिक भुगतानों का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को मिलता रहेगा। केंद्र का कहना है कि संशोधन से राज्यों के राजस्व में कमी नहीं होगी। कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि झामुमो इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगा और राज्य के हितों से जुड़े सवालों को लेकर अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगा।

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अश्वनी पाठक

अश्वनी पाठक

रिपोर्टर

अश्वनी पाठक जमशेदपुर निवासी हैं और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने न्यूज मीडिया किरण के माध्यम से पत्रकारिता की शुरुआत की। वाणिज्य में ऑनर्स (बी.कॉम) की शिक्षा पूरी करने के बाद वर्तमान में एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ वे कानून की शिक्षा भी प्राप्त कर रहे हैं।