ACB DhANBAD

धनबाद रिंग रोड मुआवजा घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई: 17 से अधिक गिरफ्तार, 300 करोड़ का स्कैम उजागर

धनबाद रिंग रोड मुआवजा घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई: 17 से अधिक गिरफ्तार, 300 करोड़ का स्कैम उजागर

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

ACB DhANBAD

धनबाद/रांची : झारखंड के धनबाद रिंग रोड निर्माण से जुड़े जमीन अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। ACB की टीमों ने धनबाद, रांची, देवघर, दुमका और गिरिडीह सहित कई जिलों में एक साथ छापेमारी कर 17 से लोगों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में पूर्व भू-अर्जन अधिकारी, अंचल अधिकारी और बिचौलिए शामिल हैं। अनुमानित घोटाले की राशि करीब 300 करोड़ रुपये बताई जा रही है।गिरफ्तार मुख्य आरोपियों में तत्कालीन बर्खास्त जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (डीएलओ) उदयकांत पाठक, अंचल अधिकारी विशाल कुमार, तत्कालीन सर्किल इंस्पेक्टर नीलम सिन्हा और कुमारी रत्नाकर के नाम शामिल हैं।

ACB ने सभी गिरफ्तार आरोपियों का मेडिकल कराया और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत जब्त किए गए हैं।मामला पुराना, शिकायत 2016 में दर्जयह घोटाला धनबाद रिंग रोड निर्माण के लिए रैयतों की जमीन अधिग्रहण से जुड़ा है।

आरोप है कि मुआवजा वितरण में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल, गलत मूल्यांकन और नियमों की अनदेखी कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। यह मामला 2016 में भाजपा नेता रमेश राही की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिसमें कुल 34 लोगों पर FIR की गई थी।उदयकांत पाठक के खिलाफ पहले भी 2015 में धनबाद थाने में दो मामले (कांड संख्या 398/2015 और 657/2015) दर्ज थे, जिनमें भादवि की धारा 409, 420, 468, 471 और 120-बी के तहत उन्हें जेल भेजा गया था। कई प्रभावित रैयतों की इस लंबी लड़ाई के दौरान मौत हो चुकी है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।

ACB की कार्रवाई क्यों अब?लंबे समय से लंबित इस मामले में ACB ने अब ताबड़तोड़ एक्शन लिया। शिकायतकर्ता रमेश राही ने ACB की कार्रवाई की सराहना करते हुए मांग की है कि सभी आरोपियों की संपत्ति जब्त कर प्रभावित रैयतों को मुआवजा वापस किया जाए।

Share via
Send this to a friend