Sonam raghuwanshi

मेघालय ‘हनीमून मर्डर’: हाई कोर्ट से मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को बड़ी राहत, जमानत बरकरार

Sonam raghuwanshi

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

डेस्क : मेघालय उच्च न्यायालय ने मई 2025 के चर्चित “हनीमून मर्डर” केस की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को बरकरार रखा है। न्यायालय ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया है।

जाहिर है मई 2025 में हनीमून पर मेघालय आए राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी लापता हो गए थे। कुछ दिनों बाद, राजा का शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ। पुलिस ने इस मामले में सोनम रघुवंशी और उनके कथित प्रेमी राज कुशवाहा को आरोपी बनाया और उनके खिलाफ 700 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल की।

क्यों मिली जमानत? प्रक्रियात्मक चूक बनी आधार

शिलॉन्ग की निचली अदालत ने सोनम को जमानत देते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। मुख्य बिंदु निम्नलिखित थे:

गलत धाराओं का उल्लेख: पुलिस ने गिरफ्तारी से जुड़े सभी दस्तावेजों—जैसे अरेस्ट मेमो और केस डायरी—में हत्या की धारा (Section 103(1) BNS) के बजाय गलती से Section 403(1) BNS का उल्लेख किया था।

अधिकारों का उल्लंघन: अदालत ने माना कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तारी के सही और वास्तविक कारणों के बारे में सूचित नहीं किया, जिससे उसे अपने बचाव का सही अवसर नहीं मिला।

त्रुटिपूर्ण दस्तावेज : अदालत ने यह भी पाया कि गिरफ्तारी के फॉर्म में सोनम को “सशस्त्र बलों का भगोड़ा” (deserter) बताया गया था, जो इस मामले से पूरी तरह असंबद्ध था।

कोर्ट में क्या हुआ?

राज्य सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता (AG) अमित कुमार ने तर्क दिया कि यह महज एक टाइपिंग की गलती थी। उन्होंने कहा कि आरोपी को पता था कि उस पर हत्या का आरोप है, क्योंकि वह कानूनी सलाह ले रही थी और उसने खुद अरेस्ट मेमो पर हस्ताक्षर किए थे।
हालाँकि, न्यायमूर्ति डब्ल्यू. डेंगदोह ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि यदि सभी दस्तावेजों में एक ही गलती बार-बार हो रही है, तो यह केवल मानवीय चूक नहीं हो सकती। साथ ही, जब राज्य ने आरोपी के फरार होने की आशंका जताई, तो कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत की शर्तें अत्यंत सख्त हैं और किसी भी उल्लंघन की स्थिति में कानून अपना काम करेगा।

फिलहाल उच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद सोनम रघुवंशी जेल से बाहर रहेंगी। अदालत के इस विस्तृत फैसले की प्रतिक्षा की जा रही है, जो भविष्य में गिरफ्तारी प्रक्रिया और पुलिस दस्तावेजों की सटीकता पर एक नजीर बन सकता है।

Also Read :

झारखंड पुलिस ने जारी किया जागरूकता पोस्टर, कहा- लापता बच्चों की सुरक्षा की पहली जिम्मेदारी परिवार की

देवघर में मां-बेटे की गला रेतकर हत्या, चार साल पहले पति की भी हुई थी हत्या; पुरानी रंजिश के एंगल से जांच

WhatsApp पर अब बिना फोन नंबर शेयर किए होगी चैट, यूजरनेम फीचर जल्द होगा लॉन्च, प्राइवेसी और बिजनेस यूजर्स को मिलेगा बड़ा फायदा

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now