परिसीमन को लेकर भ्रम फैला रही मिशनरी संस्थाएं, आदिवासी समाज बहकावे में न आए : छोटेलाल उरांव

निर्मल सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गुमला: अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष छोटेलाल उरांव ने परिसीमन को लेकर कथित तौर पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए आदिवासी समाज से बहकावे में नहीं आने की अपील की है। शुक्रवार को होटल विदेश में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कुछ मिशनरी संस्थाओं पर आदिवासियों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
छोटेलाल उरांव ने कहा कि कुछ संस्थाओं की ओर से जारी पंपलेट में यह प्रचार किया जा रहा है कि परिसीमन के बाद झारखंड विधानसभा की 28 आरक्षित आदिवासी सीटें घट जाएंगी। उन्होंने कहा कि अभी परिसीमन हुआ ही नहीं है, ऐसे में सीटों के घटने या बढ़ने की बात करना भ्रामक है।
उन्होंने दावा किया कि परिसीमन के बाद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों में कमी नहीं होगी, बल्कि सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना है। हालांकि उन्होंने कहा कि परिसीमन का अंतिम आधार भौगोलिक क्षेत्र और जनसंख्या का आकलन होगा, जिसमें आदिवासी, मूलवासी और अन्य सभी समुदायों की आबादी को ध्यान में रखा जाएगा।

छोटेलाल उरांव ने आरोप लगाया कि कुछ ईसाई मिशनरी संस्थाएं अपने अस्तित्व को बचाने के लिए आदिवासी समाज के बीच भ्रम पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के हक-अधिकार और दुर्व्यवहार का हवाला देकर समाज को एकजुट करने के नाम पर विभिन्न कार्यक्रमों में बुलाया जा रहा है।
उन्होंने सरना आदिवासियों से अपील की कि वे मिशनरी संस्थाओं की ओर से आयोजित ऐसे सभा-कार्यक्रमों में शामिल न हों। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपने अधिकारों की लड़ाई संवैधानिक तरीके से लड़ने में सक्षम है।

छोटेलाल उरांव ने जिले के साथ-साथ राज्यभर के आदिवासी नेताओं से भी अपील की कि वे आदिवासी रैली के नाम पर आयोजित ऐसे कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखें। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कार्यक्रमों के मंच पर आदिवासी अगुवाओं की जगह मिशनरी संस्थाओं से जुड़े लोग अधिक दिखाई दे रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला भाजपा अध्यक्ष सागर उरांव, महिला नेत्री सोनामनी उरांव, जिला महामंत्री सुरेश सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे।

















