नेशनल इंश्योरेंस के एजेंटों का फूटा गुस्सा: पारिश्रमिक कटौती के विरोध में बिहार-झारखंड में ‘प्रीमियम बंदी’

रांची: नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के एजेंटों (अभिकर्ताओं) ने अपने पारिश्रमिक और पारितोषिक में लगातार की जा रही कटौती के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों के समर्थन में ‘ऑल इंडिया जनरल इंश्योरेंस एजेंट्स एसोसिएशन’ (AIGIAA) ने आज, 9 जुलाई 2026 को बिहार और झारखंड के सभी शाखा एवं व्यवसाय कार्यालयों में ‘प्रीमियम बंदी’ का आह्वान किया है।
रांची में जया किशोरी का ‘नानी बाई का मायरा’ कार्यक्रम फिलहाल स्थगित, नई तिथि जल्द होगी घोषित
बीमा क्षेत्र से जुड़े एजेंटों में पारिश्रमिक में कटौती को लेकर गहरा असंतोष है। इसी के विरोध में देश भर के कई अभिकर्ता संगठनों ने एक साथ मिलकर कार्य बंदी का निर्णय लिया है। AIGIAA ने इसी राष्ट्रव्यापी आंदोलन का समर्थन करते हुए बिहार और झारखंड में पूर्ण व्यावसायिक कार्य बंदी और प्रीमियम जमा न करने का फैसला लिया है।
प्रबंधन को दी कड़ी चेतावनी
संगठन के अध्यक्ष श्री निरंजन कुमार ने कंपनी प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यह विरोध बीमा एजेंटों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा:
“यह एक दिवसीय प्रीमियम बंदी शांतिपूर्ण विरोध है। यदि प्रबंधन ने हमारी जायज मांगों को नहीं माना और पारिश्रमिक कटौती का निर्णय वापस नहीं लिया, तो इसके बाद एक बड़े और व्यापक राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।”
आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर
इस विरोध प्रदर्शन के कारण बिहार और झारखंड के सभी जिलों में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के कार्यालयों में कामकाज पर बुरा असर पड़ा है। आज के दिन नए बीमा प्रीमियम जमा करने वाले या पॉलिसी का नवीनीकरण (रिन्यूअल) कराने वाले उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
आज के इस विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से राजीव चौबे, आनंद शर्मा, विमल दास, आनंद कुमार, नलिन पांडे, एन.के. ठाकुर, मनोज जायसवाल, तारिक अहमद और प्रमोद प्रखर सहित अन्य एजेंट शामिल रहे।
















