Jharkhand Police's 'Operation Clean' against 'Devils Group

झारखंड पुलिस का ‘डेविल्स ग्रुप’ पर ‘ऑपरेशन क्लीन’: DGP ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश, चार जिलों में बनेगी संयुक्त टीम

Jharkhand Police's 'Operation Clean' against 'Devils Group
File

रांची: झारखंड के गोड्डा, दुमका और आसपास के जिलों में आतंक का पर्याय बने ‘डेविल्स ग्रुप’ (Devils Group) के खिलाफ पुलिस ने कमर कस ली है। राज्य की पुलिस महानिदेशक (DGP)  तदाशा मिश्र ने आज 09 जुलाई 2026 को पुलिस मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। इस बैठक में इस गिरोह की कमर तोड़ने और क्षेत्र में शांति बहाली के लिए एक त्रि-स्तरीय रणनीति तैयार की गई है।

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क्या है ‘डेविल्स ग्रुप’?

आम तौर पर, ‘डेविल्स ग्रुप’ जैसे संगठित आपराधिक गिरोह का अर्थ ऐसे अपराधियों के समूह से होता है जो सुनियोजित तरीके से लूट, छिनतई, अवैध हथियारों की तस्करी और डराने-धमकाने जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। ये गिरोह अक्सर ‘सोशल मीडिया’ और अपने ‘क्राइम नेटवर्क’ का इस्तेमाल दहशत फैलाने के लिए करते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य आर्थिक लाभ के लिए ज्वैलरी शॉप, व्यापारियों और आम नागरिकों को निशाना बनाना होता है। झारखंड में सक्रिय यह समूह मुख्य रूप से गोड्डा और दुमका क्षेत्र में अपनी आपराधिक गतिविधियों के लिए कुख्यात है।

बैठक में बनी रणनीति: प्रमुख फैसले

पुलिस महानिदेशक ने गिरोह के सफाये के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:

1. चार जिलों की ‘संयुक्त विशेष टीम’ (Joint Team): अब इस गिरोह के खिलाफ लड़ाई सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं रहेगी। पुलिस ने गोड्डा, दुमका, जामताड़ा और देवघर जिलों को मिलाकर एक ‘संयुक्त विशेष टीम’ का गठन किया है।

यह टीम पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में काम करेगी।

यह टीम अंतर-जिला सीमाओं पर अपराध का समन्वित अनुसंधान (Investigation) करेगी।

इस टीम की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट सीधे दुमका प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IG) को सौंपी जाएगी।

2. लंबित मामलों का त्वरित निपटारा और स्पीडी ट्रायल:

DGP ने ज्वैलरी लूट और छिनतई जैसे पुराने लंबित मामलों की फाइलें फिर से खोलने के निर्देश दिए हैं।

गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ वैज्ञानिक और ठोस सबूत (Scientific Evidence) एकत्र किए जाएंगे।

अभियोजन पक्ष और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर मामलों का ‘स्पीडी ट्रायल’ कराया जाएगा, ताकि अपराधियों को कम समय में सजा (Conviction) दिलाई जा सके।

3. भौतिक सत्यापन और निगरानी:

दुमका प्रक्षेत्र के उप-महानिरीक्षक (DIG) को निर्देश दिए गए हैं कि गिरोह के सभी संदिग्ध सदस्यों का तुरंत भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाए।

अवैध हथियारों की तस्करी रोकने के लिए अंतर्राज्यीय बॉर्डर पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।

4. धरातल पर सक्रियता: पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट कहा है कि केवल बैठकें नहीं, बल्कि परिणाम दिखने चाहिए। इसके लिए वरीय अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील (Field Visit) रहने और पीसीआर (PCR) वैन के जरिए सघन गश्त करने का निर्देश दिया गया है।

बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (अभियान)  नरेन्द्र कुमार सिंह, दुमका के पुलिस महानिरीक्षक  पटेल मयुर कन्हैयालाल और पुलिस अधीक्षक (अभियान)  दीपक कुमार शर्मा ने प्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लिया। इसके अलावा, दुमका प्रक्षेत्र के उप-महानिरीक्षक और गोड्डा व दुमका के पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

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