Hemant soren mastar stroke

पलामू का ‘ADM’ समीकरण हेमंत सोरेन का ‘मास्टर स्ट्रोक : राज्यसभा के जरिए पलामू फतह की बिसात

Share
Link copied

Hemant soren mastar stroke

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यसभा के लिए बैजनाथ राम को राज्यसभा भेजकर झारखंड की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात किया है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि बैजनाथ राम को राज्यसभा भेजना हेमंत सोरेन भविष्य की सत्ता की चाबी पलामू में तलाशने की एक सोची-समझी रणनीति है।

पारिवारिक राजनीति के मिथक को तोड़ा

हेमंत सोरेन के इस फैसले ने झारखंड की राजनीति में स्थापित इस धारणा को तोड़ा है कि झामुमो केवल सोरेन परिवार या आदिवासी बहुल संताल-कोल्हान तक सीमित है। बैजनाथ राम जैसे एक साधारण पृष्ठभूमि के शिक्षक से राजनीति में आए व्यक्ति को उच्च सदन भेजना हेमंत सोरेन को एक ‘झारखंडी’ पहचान वाली पार्टी के रूप में विकसित कर रही है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भी यह सकारात्मक संदेश गया है कि मेहनत और निष्ठा को पार्टी में सर्वोच्च सम्मान मिलता है।

पलामू का ‘ADM’ समीकरण: झामुमो का नया तुरुप का इक्का

हेमंत सोरेन की रणनीति अब ADM (Adivasi, Dalit, Minority) समीकरण के इर्द-गिर्द घूम रही है। पलामू प्रमंडल, जो लंबे समय से झामुमो के लिए एक दुर्गम क्षेत्र रहा है, वहां अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की निर्णायक भूमिका है।

वोट बैंक की घेराबंदी: पलामू में एससी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों की संख्या सबसे अधिक है। बैजनाथ राम के जरिए झामुमो सीधे तौर पर इस विशाल वोट बैंक के साथ भावनात्मक और राजनीतिक जुड़ाव स्थापित करने में सफल रही है।

गठबंधन की चुनौती: यह कदम कांग्रेस और राजद जैसे सहयोगियों के लिए भी एक संदेश है कि पलामू में झामुमो अब एक जूनियर पार्टनर नहीं, बल्कि बराबरी की दावेदार के रूप में उभरेगी।

भाजपा के गढ़ में सेंध: पलामू प्रमंडल में भाजपा का पारंपरिक दबदबा रहा है। बैजनाथ राम की साफ-सुथरी छवि और मंत्री के रूप में उनके अनुभव का लाभ उठाकर झामुमो इस क्षेत्र में भाजपा के प्रभाव को कमजोर करने की मंशा रखती है।

जाहिर है हेमंत सोरेन ने बैजनाथ राम को राज्यसभा भेजकर एक तीर से कई निशाने साधे हैं। एक तरफ जहां उन्होंने पार्टी के भीतर और बाहर ‘परिवारवाद’ के आरोपों को खारिज किया है, वहीं दूसरी तरफ पलामू के दलित मतदाताओं के दिलों में अपनी जगह बनाने की एक बड़ी लकीर खींच दी है।

Also Read :

इसे भी पढ़ें
भाजपा की संगठनात्मक बैठक में आगामी कार्यक्रमों की श्रृंखला तय, 25 जून को ‘काला दिवस’ मनाने का आह्वान
इसे भी पढ़ें

भाजपा की संगठनात्मक बैठक में आगामी कार्यक्रमों की श्रृंखला तय, 25 जून को ‘काला दिवस’ मनाने का आह्वान

रांची : भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में सांसदों, विधायकों, जिला संगठन प्रभारियों एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों की…

हेमंत सोरेन का दिल्ली दौरा: राज्यसभा चुनाव में ‘खेल’ के बाद क्या झारखंड की राजनीति में आएगा बड़ा बदलाव?
इसे भी पढ़ें

हेमंत सोरेन का दिल्ली दौरा: राज्यसभा चुनाव में ‘खेल’ के बाद क्या झारखंड की राजनीति में आएगा बड़ा बदलाव?

रांची: झारखंड की सियासत में राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने एक नई आग सुलगा दी है। गुरुवार को आए परिणामों ने न…

राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस के आरोपों पर माले का पलटवार, कहा- दोनों विधायकों ने प्रणव झा को दिया था वोट
इसे भी पढ़ें

राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस के आरोपों पर माले का पलटवार, कहा- दोनों विधायकों ने प्रणव झा को दिया था वोट

रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार के बाद सहयोगी दलों पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच…

ABOUT THE AUTHOR
Drishti Now Desk

Drishti Now Desk

Desk

Drishti Now एक स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जिसकी प्राथमिक कवरेज झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों पर केंद्रित है। इसके साथ देश और दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी समाचार प्रकाशित किए जाते हैं। राजनीति, अपराध, समाज, धर्म, शिक्षा, खेल, प्रशासन, मौसम और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर किया जाता है। Drishti Now का उद्देश्य पाठकों तक महत्वपूर्ण समाचारों और घटनाक्रमों की स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार जानकारी पहुंचाना है। Drishti Now — नजर हर खबर पर।