अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025: पीएम मोदी ने सेना के जवानों के साथ विशाखापत्तनम में किया योग
देशभर में आज 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में सेना के जवानों के साथ योगाभ्यास किया। इस साल की थीम ‘योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ’ रही, जो व्यक्तिगत और ग्रहों के स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध को दर्शाती है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रधानमंत्री मोदी ने विशाखापत्तनम के आर.के. बीच पर आयोजित ‘योग संगम’ पहल के तहत 3 लाख से अधिक लोगों के साथ सामूहिक योग सत्र में हिस्सा लिया। इस भव्य आयोजन में देशभर के 1 लाख से अधिक स्थानों पर एक साथ योग सत्र आयोजित किए गए, जिसमें अनुमानित 2 करोड़ लोग शामिल हुए। आंध्र प्रदेश सरकार ने इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने और 50 लाख से अधिक योग प्रमाणपत्र वितरित करने की पहल की।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “योग जोड़ता है, तोड़ता नहीं। यह उम्र और सीमाओं से परे है। 2014 में भारत द्वारा संयुक्त राष्ट्र में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को 175 देशों का समर्थन मिला, और पिछले 11 वर्षों में योग ने विश्व स्तर पर नई ऊंचाइयां छुई हैं।” उन्होंने योग को न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बल्कि सामाजिक और वैश्विक एकता के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।
इस दौरान पीएम ने सेना के जवानों के साथ योग करने पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि योग सेना और खेल जैसे क्षेत्रों में भी उत्पादकता और सहनशक्ति बढ़ाने में मदद करता है। उन्होंने डिजिटल तकनीक और एआईएमएस, दिल्ली जैसे संस्थानों द्वारा योग पर हो रहे शोध की भी सराहना की।
देशभर में योग दिवस के अवसर पर कई केंद्रीय मंत्रियों, राज्य सरकारों और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर योग सत्रों का आयोजन किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम मोदी के प्रयासों से करीब 200 देशों ने योग को अपनाया है। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना के जवानों के साथ योग किया और योग को भारत की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा बताया।
विशाखापत्तनम में आयोजित इस कार्यक्रम में नौसेना के जवानों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। समुद्र तट पर योग सत्र का नजारा अद्भुत था, जहां ‘योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ’ का संदेश गूंजा। आंध्र प्रदेश सरकार ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की थीं, जिसमें 607 शहरी सचिवालयों को जोड़ा गया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत 2014 में पीएम मोदी के संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव के बाद हुई थी, जिसे 175 देशों का समर्थन मिला। तब से यह दिवस हर साल 21 जून को विश्व स्तर पर मनाया जाता है, जो भारत की प्राचीन परंपरा को वैश्विक मंच पर ले जाने का प्रतीक बन चुका है।

















