पीएम मोदी का पश्चिम बंगाल और बिहार दौरा: कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में होंगे शामिल, विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पश्चिम बंगाल और बिहार के दौरे पर हैं, जहां वे रक्षा, हवाई अड्डा, रेल और कृषि से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। यह दौरा प्रधानमंत्री के पांच राज्यों के तीन दिवसीय यात्रा का हिस्सा है, जो 13 से 15 सितंबर तक चल रही है। इस दौरान विभिन्न विकास परियोजनाओं का मूल्य करीब 71,850 करोड़ रुपये है, जो पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के विकास को गति देगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पश्चिम बंगाल में सुबह करीब 9:30 बजे कोलकाता पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री 16वें संयुक्त कमांडर सम्मेलन-2025 का उद्घाटन करेंगे। यह सम्मेलन 15 से 17 सितंबर तक चलेगा और इसका थीम ‘सुधारों का वर्ष।भविष्य के लिए परिवर्तन’ है। सम्मेलन में देश की सेनाओं के शीर्ष अधिकारी राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य सुधारों पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर संबोधित भी करेंगे, जो एक मजबूत, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाएगा।
इसके बाद दोपहर करीब 2:45 बजे बिहार के पूर्णिया पहुंचकर प्रधानमंत्री नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। यह आधुनिक टर्मिनल पूर्णिया हवाई अड्डे की क्षमता बढ़ाएगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। बिहार में ही वे राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का शुभारंभ करेंगे, जो बिहार के प्रसिद्ध फसल मखाना के उत्पादन, प्रौद्योगिकी अपनाने, पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट, मूल्य संवर्धन, बाजार, निर्यात और ब्रांडिंग को बढ़ावा देगा। इससे बिहार के किसानों को विशेष लाभ मिलेगा।
इसके अलावा, बिहार में रेल परियोजनाओं को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी। प्रधानमंत्री अररिया-गलगलिया (ठाकुरगंज) सेक्शन में ट्रेन को फ्लैग ऑफ करेंगे, जो अररिया और किशनगंज जिलों के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी स्थापित करेगा। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को जोगबनी से दानापुर के बीच रवाना किया जाएगा, जो अररिया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, बेगूसराय, समस्तिपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली और पटना जिलों को लाभ पहुंचाएगी। साथ ही, सहरसा-छेहरता (अमृतसर) और जोगबनी-एरोड के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें भी शुरू की जाएंगी। ये ट्रेनें आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी और यात्रा समय कम करेंगी, जिससे आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकीकरण मजबूत होगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह दौरा पूर्वी भारत के बुनियादी ढांचे, ऊर्जा सुरक्षा, रोजगार सृजन और किसान कल्याण पर केंद्रित है। पश्चिम बंगाल और बिहार के अलावा मिजोरम, मणिपुर और असम में भी विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन हो चुका है।



