सिमडेगा में विद्युतीकरण कार्य पर उठे सवाल, एजेंसियों पर लापरवाही के आरोप
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा: जिले में चल रहे विद्युतीकरण कार्य को लेकर लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों तक काम कर रही एजेंसियों पर घटिया निर्माण, मानकों की अनदेखी और लापरवाही के गंभीर आरोप लग रहे हैं। कई स्थानों से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें जल्दबाजी में बिना सही योजना के बिजली के पोल लगाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर सड़क के बीचों-बीच ही बिजली के पोल गाड़ दिए गए हैं, जिससे आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है। पोल लगाने के लिए जहां 2.5 से 3.5 फीट तक खुदाई की जा रही है, वहीं ऊपर बनाए जा रहे सीमेंट चबूतरे की गुणवत्ता भी बेहद खराब बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार साहू मोहल्ला जैसे इलाकों में बिजली के पोल को एक स्थान से हटाकर दूसरे स्थान पर लगाने के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूली जा रही है, लेकिन पोल को पर्याप्त गहराई तक नहीं गाड़ा जा रहा। इससे भविष्य में दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है।
चबूतरा निर्माण में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कई जगहों पर मानक सामग्री की जगह कबाड़ प्लास्टिक बाल्टी को काटकर उसी में सीमेंट डालकर चबूतरा तैयार कर दिया गया है, जो निर्माण की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े करता है।
नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 12 में यह मामला काफी गंभीर रूप ले चुका है। स्थानीय निवासियों ने इसे चुनाव के दौरान प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया था। उस समय वार्ड पार्षद सह उपाध्यक्ष प्रत्याशी दीपक अग्रवाल उर्फ रिंकू और अध्यक्ष प्रत्याशी ओलिवर लकड़ा को इस समस्या से अवगत कराया गया था।
प्रत्याशियों ने आश्वासन दिया था कि जीत के एक महीने के भीतर सड़क से पोल हटाने, एजेंसियों के कार्यों की समीक्षा करने और गुणवत्ता सुधार के लिए कार्रवाई की जाएगी। अब जबकि दोनों उम्मीदवार चुनाव जीत चुके हैं, स्थानीय लोगों की निगाहें उनके वादों के क्रियान्वयन पर टिकी हुई हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्युतीकरण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी एजेंसियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराई न जाए।

















