राहुल गांधी आज करेंगे झारखंड कांग्रेस के साथ अहम बैठक: मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा, संगठन पर चर्चा

राहुल गांधी आज करेंगे झारखंड कांग्रेस के साथ अहम बैठक: मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा, संगठन पर चर्चा

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राहुल गांधी आज करेंगे झारखंड कांग्रेस के साथ अहम बैठक: मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा, संगठन पर चर्चा


दिल्ली / झारखंड 14 जुलाई : कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज शाम 4 बजे दिल्ली में झारखंड सरकार के मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में झारखंड में कांग्रेस के प्रदर्शन, मंत्रियों के कामकाज और पार्टी संगठन को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा होगी।

मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड : बैठक में कांग्रेस कोटे के मंत्रियों—राधाकृष्ण किशोर, शिल्पी नेहा तिर्की, इरफान अंसारी और दीपिका पांडेय सिंह—के पिछले आठ महीनों के कामकाज की समीक्षा होगी। उनके विभागों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की प्रगति और विधानसभा चुनाव में किए गए वादों, जैसे पेसा कानून और रिम्स विस्तार, पर उठाए गए कदमों की जानकारी ली जाएगी।

विधायकों की शिकायतें : कई कांग्रेस विधायकों ने मंत्रियों पर उनकी बात न सुनने और जनता की समस्याओं पर ध्यान न देने का आरोप लगाया है। विधायक राजेश कच्छप ने हाल ही में मंत्रियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। इसके अलावा, रिम्स-2 निर्माण और निदेशक हटाने के मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और रिम्स गवर्निंग बॉडी के सदस्य सुरेश बैठा के बीच विवाद सुर्खियों में रहा है। बंधु तिर्की और फुरकान अंसारी के बीच भी पेसा कानून और अन्य मुद्दों पर तीखी बहस हो चुकी है।

संगठन को मजबूत करने पर जोर : राहुल गांधी झारखंड में पार्टी के संगठन सृजन अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे और जमीनी स्तर पर संगठन को दुरुस्त करने के लिए कार्य योजना तैयार करेंगे। प्रदेश प्रभारी के. राजू और अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भी बैठक में शामिल होंगे।

मंत्रियों को चेतावनी : कांग्रेस आलाकमान ने स्पष्ट किया है कि मंत्रियों का पद कार्यकर्ताओं की मेहनत का नतीजा है। यदि मंत्रियों ने कार्यकर्ताओं और विधायकों की बात नहीं सुनी, तो अगले छह महीनों में उनके प्रदर्शन की समीक्षा के बाद बदलाव संभव है। एक साल बाद मंत्रियों के कामकाज का दोबारा आकलन होगा।

आंतरिक एकता पर फोकस : बैठक में पार्टी के भीतर मतभेदों को सुलझाने और एकजुटता पर जोर दिया जाएगा। विधायकों और मंत्रियों के बीच तनाव, खासकर रिम्स और पेसा कानून जैसे मुद्दों पर, को हल करने की कोशिश होगी।

 

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