Rims News:-रिम्स को मिले नए प्रभारी निदेशक ,आई डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ आरके गुप्ता को मिली जिम्मेदारी, व्यवस्था में सुधार की उम्मीद

Rims News:-रिम्स को मिले नए प्रभारी निदेशक ,आई डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ आरके गुप्ता को मिली जिम्मेदारी, व्यवस्था में सुधार की उम्मीद

Share
Link copied

Rims News

प्रेरणा चौरसिया

Drishti  Now  Ranchi

डॉ. कामेश्वर प्रसाद के अपने पद से इस्तीफा देने के बाद रिम्स के निदेशक को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है. रिम्स के प्रबंधन की जिम्मेदारी नेत्र विभाग के प्रमुख डॉ. आरके गुप्ता को दी गई है.
उन्होंने नेतृत्व ग्रहण किया है।

रिम्स निदेशक पद के लिए विभाग को चार वरिष्ठ चिकित्सकों के नाम मिले हैं। जिसमें मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. सीबी शर्मा, एनाटॉमी विभाग के एचओडी डॉ. एके दुबे और नेत्र विभाग के एचओडी डॉ. विद्यापति के नाम भी शामिल हैं. विभाग ने उनसे बात भी की और पूछताछ भी की। प्राप्त जानकारी से संकेत मिलता है कि एनाटॉमी विभाग के डॉ. एके दुबे ने अपने स्वयं के निदेशक के रूप में कार्य करने से इनकार कर दिया था।

आइएएस अधिकारी को प्रभार देने की रही चर्चा
रिम्स के 16वें निदेशक के रूप में डॉ कामेश्वर प्रसाद ने योगदान दिया था। इनके इस्तीफे के बाद से रिम्स के निदेशक का प्रभार किसे मिलेगा, इसके लेकर चर्चा का बाजार गर्म रहा। दो मई को उन्होंने अपने कार्यकाल के खत्म होने की घोषणा की थी। इसके बाद से विभाग के पास सीनियर डॉक्टरों के नाम भेजे गए थे। विभाग की ओर से उनका साक्षात्कार भी लिया गया था।
साक्षात्कार में सीनियर डॉक्टरों से पूछा गया था कि रिम्स का संचालन कैसे करेंगे। जब तक नाम स्पष्ट नहीं हुए थे तब तक रिम्स की व्यवस्था सुधारने के लिए किसी आइएएस अधिकारी को प्रभार सौंपने की बात चल रही थी।
जाते जाते बोले डॉ कामेश्वर प्रसाद : सिस्टम में सपोर्ट नहीं तनाव मिला
दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए डॉ कामेश्वर प्रसाद ने कहा कि मुझे दुख है कि जो सोचकर आया था, उसे पूरी तरह अमलीजामा नहीं पहना सका। रिम्स को एम्स जैसा नहीं बना सका। रिम्स मेरी मां की तरह है। जितने दिन रहा, मां की तरह सेवा की। जब तक इसे सेंट्रल यूनिवर्सिटी की तरह ऑटोनोमस का दर्जा नहीं दिया जाएगा, दखलअंदाजी खत्म नहीं होगी, तब तक व्यवस्थाएं नहीं सुधर सकतीं। मैंने रिम्स की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने की पूरी कोशिश की, पर सिस्टम से पूरा सपोर्ट नहीं मिला बल्कि तनाव ही मिला।

 

हमारे व्हाट्सप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पे क्लिक करे :-

https://chat.whatsapp.com/KgR5pCpPDa65iYZy1qW9jo

 

ABOUT THE AUTHOR
drishtinow

drishtinow