भारत में कोविड-19 के बढ़ते मामले: नया वैरिएंट JN.1 बढ़ा रहा चिंता, सरकार अलर्ट

भारत में कोविड-19 के बढ़ते मामले: नया वैरिएंट JN.1 बढ़ा रहा चिंता, सरकार अलर्ट

भारत में एक बार फिर कोविड-19 के मामलों में वृद्धि ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हाल के हफ्तों में, विशेष रूप से केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में नए मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 19 मई 2025 तक देश में सक्रिय मामलों की संख्या 257 थी, जो अब बढ़कर 1,000 से अधिक हो चुकी है।

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नया वैरिएंट JN.1 और पिरोला का खतरा

विशेषज्ञों ने कोविड-19 के ओमिक्रॉन वंश के सब-वैरिएंट JN.1, जिसे ‘पिरोला’ के नाम से भी जाना जाता है, को मामलों में वृद्धि का प्रमुख कारण बताया है। यह वैरिएंट मौजूदा इम्यूनिटी को चकमा देने में सक्षम है और तेजी से फैल सकता है। दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. जतिन आहूजा के अनुसार, JN.1 के लक्षण ओमिक्रॉन से मिलते-जुलते हैं, लेकिन यह अधिक संक्रामक है। हालांकि, टीकाकरण और पिछले संक्रमणों से मिली इम्यूनिटी गंभीर लक्षणों को कम करने में मदद कर रही है।

केरल में सर्वाधिक मामले, महाराष्ट्र में पहला मृत्यु मामला

केरल में मई 2025 में 273 नए मामले दर्ज किए गए, जो देश में सबसे अधिक हैं। राज्य सरकार ने अस्पतालों में मास्क अनिवार्य कर दिया है और खांसी या बुखार जैसे लक्षणों वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं, महाराष्ट्र के कल्याण-डोंबिवली में कोविड-19 से पहली मृत्यु दर्ज की गई, जिसने चिंता को और बढ़ा दिया है। मुंबई, पुणे, ठाणे, दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे शहरों में भी मामले बढ़ रहे हैं।

दो नए वैरिएंट NB.1.8.1 और LF.7 की दस्तक

स्वास्थ्य मंत्रालय ने दो नए वैरिएंट NB.1.8.1 और LF.7 की पहचान की है, जो देश के 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में फैल रहे हैं। इन वैरिएंट्स के कारण अस्पतालों को आईसीयू बेड, ऑक्सीजन सप्लाई और अन्य जरूरी उपकरणों की तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, अभी तक अधिकांश मामलों में अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता नहीं पड़ी है।

सरकार और विशेषज्ञों की सलाह

केंद्र और राज्य सरकारों ने बढ़ते मामलों को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। दिल्ली सरकार ने अस्पतालों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है, जबकि लेह में सार्वजनिक स्थानों पर मास्क अनिवार्य कर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन नागरिकों से मास्क पहनने, नियमित हाथ धोने और सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि कम होती इम्यूनिटी इस वायरस को फैलने का मौका दे सकती है।

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