वन विभाग की शर्मनाक लापरवाही: मजदूरों को थमाए नकली ‘मनोरंजन बैंक’ के नोट ! खबर वायरल
वन विभाग की शर्मनाक लापरवाही: मजदूरों को थमाए नकली ‘मनोरंजन बैंक’ के नोट ! खबर वायरल
तोरपा, खूंटी | 9 जुलाई
खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड के एरमेरे गांव में वन विभाग की घोर लापरवाही का सनसनीखेज मामला वायरल हो रहा है। जिसमे मजदूरों को मेहनताने के रूप में नकली “मनोरंजन बैंक” के नोट थमाए जाने का आरोप लगा है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। ये नोट बच्चों के खेलने वाले नकली नोट हैं, जिनकी कोई कानूनी वैधता नहीं है।
वायरल रिपोर्ट के अनुसार ग्राम प्रधान बेर्नाड आइंड ने बताया कि वन विभाग द्वारा गांव में 25,000 पौधरोपण के कार्य के लिए मजदूरों को भुगतान करना था। इसके तहत वनरक्षी राहुल कुमार महतो ने रविवार देर शाम एक बंडल “मनोरंजन बैंक” के नकली नोट दिए और इसे मजदूरों में बांटने को कहा। जब मजदूरों ने इन नोटों को स्थानीय दुकानों में खर्च करने की कोशिश की, तो उन्हें पता चला कि ये नोट अवैध हैं। मजदूरों ने इसे अपनी मेहनत का अपमान और धोखा करार दिया। एक मजदूर ने गुस्से में कहा, “हमने दिन-रात मेहनत की, और बदले में हमें खिलौने के नोट दिए गए। यह हमारा मज़ाक है।”

वन विभाग का बचाव, साजिश का आरोप
प्रभारी वनरक्षी अविनाश लुगुन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विभाग को बदनाम करने की साजिश बताया। उन्होंने दावा किया कि वन विभाग मजदूरों को सीधे बैंक खातों में भुगतान करता है और किसी को नकद बांटने की जिम्मेदारी नहीं दी जाती। उनके मुताबिक, राहुल कुमार महतो रविवार शाम कटहल लेने एरमेरे गांव गए थे। वहां एक ग्रामीण के पास पहले से मनोरंजन बैंक के नकली नोटों का बंडल था, जिसे राहुल ने देखने के लिए लिया और गलती से ग्राम प्रधान को थमा दिया। लुगुन ने कहा, “इसे जानबूझकर तूल दिया जा रहा है।”
मजदूरों में आक्रोश, जांच की मांग
यह घटना न केवल वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है, बल्कि मजदूरों के विश्वास को भी ठेस पहुंचाती है। ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।



















