मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में टीएसी की बैठक आज, कई मामलों की हो सकती है अनुशंसा , टीएसी(TAC )की बैठक झारखंड मंत्रालय में शुरू।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में टीएसी की बैठक आज, कई मामलों की हो सकती है अनुशंसा , टीएसी(TAC )की बैठक झारखंड मंत्रालय में शुरू।

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में टीएसी की बैठक आज, कई मामलों की हो सकती है अनुशंसा ,टीएसी(TAC )की बैठक झारखंड मंत्रालय में शुरू।

TAC meeting today under the chairmanship of Chief Minister Hemant Soren, many matters can be recommended, TAC meeting starts in Jharkhand Ministry
TAC meeting today under the chairmanship of Chief Minister Hemant Soren, many matters can be recommended, TAC meeting starts in Jharkhand Ministry

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में टीएसी की बैठक आज, कई मामलों की हो सकती है अनुशंसा , टीएसी(TAC )की बैठक झारखंड मंत्रालय में शुरू।

प्रोजेक्ट भवन मे टीएसी की महत्वपूर्ण बैठक।

TAC अध्यक्ष हेमंत सोरेन और उपाध्यक्ष मंत्री चमरा लिंडा मौजूद।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में टीएसी की बैठक आज, कई मामलों की हो सकती है अनुशंसा , टीएसी(TAC )की बैठक झारखंड मंत्रालय में शुरू।

TAC सदस्य विधायक राजेश कच्छप, , नमन विक्सल कोंगाड़ी और अन्य सदस्य बैठक में मौजूद।

TAC की बैठक से भाजपा ने बनाई है दूरी।

रांची: झारखंड सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज को जनजातीय परामर्शदातृ परिषद (टीएसी) की बैठक झारखंड मंत्रालय में शुरू । करीब डेढ़ साल बाद हो रही टीएसी की बैठक में राज्य के पर्यटन और राजस्व को बढ़ावा देने के लिए निर्णय लिए जा सकते हैं। बैठक में उन क्षेत्रों में शराब दुकानों की बंदोबस्ती और होटल-रेस्तरां खोलने की स्वीकृति मिल सकती है, जहां 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या आदिवासी है। साथ ही, जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राजकीय या स्थानीय महत्व का पर्यटन क्षेत्र घोषित किया गया है। धार्मिक मान्यता के पर्यटन स्थलों को इस दायरे से बाहर रखा गया है। बैठक में मेसा बिल (द प्रोविजन ऑफ द म्यूनिसिपिलिटी – एक्सटेंशन टू द शेड्यूल एरिया), 2001 में संशोधन पर भी चर्चा होगी।

इस बिल में प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य शेड्यूल एरिया में प्रशासनिक और राजस्व मामलों को सुगम बनाना है। ईचा डैम निर्माण को पुनर्बहाल करने पर भी निर्णय हो सकता है। ईचा डैम परियोजना के फिर से शुरू होने पर क्षेत्र में जल आपूर्ति और कृषि संबंधी जरूरतों को भी पूरा किया जा सकेगा।

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