लोहरदगा: अंधविश्वास को पछाड़कर पुलिस ने दिखाई मानवता, थाना प्रभारी ने खुद कंधा देकर कराया अंतिम संस्कार

प्रीतम / लोहरदगा
लोहरदगा: लोहरदगा के सेन्हा थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार होने से बचाने वाली एक सुखद तस्वीर सामने आई है। सेन्हा थाना प्रभारी नीरज झा ने अंधविश्वास और सामाजिक संकीर्णता के बीच पिस रहे एक परिवार के लिए ढाल बनकर न केवल शांति व्यवस्था बहाल की, बल्कि खुद शव को कंधा देकर एक मिसाल पेश की है।
क्या था पूरा मामला?
सेन्हा थाना अंतर्गत अलौदी गांव और पारही डांड़ी टोली के ग्रामीणों के बीच एक शव के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। स्थानीय स्तर पर फैले अंधविश्वास के कारण कुछ ग्रामीण मृतक के अंतिम संस्कार का विरोध कर रहे थे। स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी और मृतक के परिजन असहाय महसूस कर रहे थे।
थाना प्रभारी की सार्थक पहल
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नीरज झा दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले उत्तेजित ग्रामीणों को शांत कराया और दोनों पक्षों के साथ संवाद स्थापित किया। उन्होंने अंधविश्वास के कुप्रभावों के बारे में समझाते हुए स्पष्ट किया कि एक सम्मानजनक अंतिम संस्कार मृतक का अधिकार है और इसमें बाधा डालना न केवल अमानवीय है, बल्कि कानूनन अपराध भी है।
भावुक कर देने वाला दृश्य
थाना प्रभारी की सूझबूझ और मानवीय दृष्टिकोण के सामने अंधविश्वास का शोर दब गया। विवाद सुलझने के बाद, नीरज झा ने स्वयं आगे बढ़कर शव को कंधा दिया और उसे श्मशान घाट तक पहुंचाया। पुलिस अधिकारी को इस मानवीय रूप में देख वहां मौजूद ग्रामीण और परिजन भावुक हो गए।
स्थानीय निवासियों ने थाना प्रभारी के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाई, बल्कि पुलिस के मानवीय चेहरे को भी जन-जन तक पहुंचाया है।
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