आदिवासी संगठनों का प्रदर्शन असरदार, सिरमटोली रैंप विवाद सहित कई मुद्दों पर सरकार से नाराजगी : बबलू मुंडा

आदिवासी संगठनों का प्रदर्शन असरदार, सिरमटोली रैंप विवाद सहित कई मुद्दों पर सरकार से नाराजगी : बबलू मुंडा

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विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा आहूत झारखंड बंद आज असरदार रहा। केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष श्री बबलू मुंडा और मुख्य पहान जगलाल पहान के नेतृत्व में केंद्रीय सरना समिति और चडरी सरना समिति के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। बंद की शुरुआत केंद्रीय सरना समिति के प्रधान कार्यालय, लाइन टैंक रोड PWD क्वार्टर से हुई, जो चडरी HB रोड होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची। कार्यकर्ताओं ने दुकानदारों से शांतिपूर्वक बंद करने की अपील की और अल्बर्ट एक्का चौक को काफी देर तक जाम रखा। इसके बाद, प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ गए, जिस दौरान जिला प्रशासन ने बंद समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया।

केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा ने कहा, “झारखंड में अबुआ सरकार नहीं, बबुआ सरकार है। हेमंत सोरेन सरकार ने साढ़े पांच साल के कार्यकाल में आदिवासी समाज को गर्त में धकेलने का काम किया है। सरकार द्वारा लगातार आदिवासी विरोधी कार्य किए गए हैं।” उन्होंने आगे कहा, “पिछले पांच महीनों से सिरमटोली फ्लाईओवर रैंप विवाद को लेकर आदिवासी समाज अपनी अस्मिता और अस्तित्व बचाने की गुहार लगा रहा है, लेकिन आदिवासी मुख्यमंत्री मौन हैं। यह सरकार आदिवासियों की धर्म, संस्कृति, रीति-रिवाज और रूढ़िवादी परंपराओं को खत्म करना चाहती है।”

मुख्य पहान जगलाल पहान ने चेतावनी देते हुए कहा, “जिस दिन हमारी संस्कृति और परंपरा खत्म होगी, उसी दिन आदिवासी समाज खत्म हो जाएगा। कम से कम झारखंड के आदिवासी मुख्यमंत्री को आदिवासी हित में काम करना चाहिए।”

आदिवासी संगठनों ने सिरमटोली फ्लाईओवर रैंप विवाद, आदिवासियों के पवित्र धार्मिक स्थलों जैसे मरांग बुरू, पारसनाथ हिल्स (गिरिडीह), लुगु बुरू, मुधर हिल्स (पिठोरिया), दिउरी दिरी (तमाड़) और बेड़ो महदानी सरना स्थल की रक्षा सहित कई मांगों को लेकर यह बंद आहूत किया। श्री बबलू मुंडा ने कहा, “विभिन्न आदिवासी संगठनों ने इन मुद्दों को लेकर एकजुट होकर झारखंड बंद किया, जो पूरी तरह असरदार रहा।”

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