VHP Submits Memorandum to Governor

विहिप ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन: बकरीद पर ‘झारखंड गौवंश हत्या निषेध अधिनियम’ का कड़ाई से पालन करने की मांग

VHP Submits Memorandum to Governor

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

रांची: आगामी बकरीद (ईद-उल-अजहा) के त्योहार को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के महामहिम राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा है। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में ‘झारखंड गौवंश हत्या निषेध अधिनियम, 2005’ का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

तस्करी और अवैध वध पर चिंता

विहिप पदाधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से आशंका जताई है कि त्योहार की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व और तस्कर सक्रिय हो सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में प्रतिबंधित गौवंशिये पशुओं (गाय, बैल, बछड़ा, ऊंट आदि) की अवैध तस्करी और वध की प्रबल संभावना है, जो कानूनन एक गंभीर गैर-जमानती अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी गतिविधियां होती हैं, तो इससे न केवल कानून का उल्लंघन होगा, बल्कि क्षेत्र का सांप्रदायिक सौहार्द और शांति व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।

प्रशासन से की ये प्रमुख मांगें

प्रतिनिधिमंडल ने सरकार और पुलिस-प्रशासन से ये कदम उठाने की मांग की है:

सघन गश्ती: सभी जिलों के संवेदनशील क्षेत्रों, मुख्य चौराहों, हाट-बाजारों और अंतर-राज्यीय सीमाओं पर पुलिस की विशेष तैनाती और गश्ती बढ़ाई जाए।

वाहन चेकिंग: सीमाओं पर वाहनों की सघन जांच की जाए ताकि प्रतिबंधित पशुओं के अवैध परिवहन को रोका जा सके।

बूचड़खानों पर कार्रवाई: अवैध रूप से संचालित बूचड़खानों को चिन्हित कर उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए।

सख्त कानूनी कार्रवाई: अधिनियम का उल्लंघन करने वाले तस्करों के विरुद्ध त्वरित प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उन्हें कठोरतम सजा दिलाई जाए।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल

राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में विश्व हिंदू परिषद (झारखंड-बिहार) के क्षेत्र मंत्री डॉ. बिरेन्द्र साहु, प्रांत उपाध्यक्ष सुनील गुप्ता, प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, प्रांत बजरंग दल संयोजक रंगनाथ महतो और महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी प्रमुख रूप से शामिल थे।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now