झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल में भ्रष्टाचार की जांच की मांग, BJYM ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
रांची: भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की ओर से मंगलवार को राज्यपाल Santosh Kumar Gangwar को ज्ञापन सौंपकर झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई।
BJYM प्रदेश अध्यक्ष Shashank Raj ने आरोप लगाया कि झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल पूरी तरह “वसूली केंद्र” बन चुका है। उन्होंने कहा कि फार्मेसी की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं से एडमिशन से लेकर नौकरी तक हर स्तर पर अवैध रूप से पैसे की मांग की जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नामांकन, सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन, थ्योरी और प्रैक्टिकल परीक्षा, यहां तक कि इंटर्नशिप के लिए भी “रेट चार्ट” तय कर दिया गया है। BJYM का कहना है कि इस व्यवस्था से गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं का शोषण हो रहा है।
शशांक राज ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले 18 महीनों से एक गैर-सरकारी व्यक्ति को रजिस्ट्रार पद का अतिरिक्त प्रभार देकर रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह सब स्वास्थ्य विभाग और सरकार की मिलीभगत से हो रहा है, ताकि अवैध वसूली का पैसा ऊपर तक पहुंच सके।
BJYM ने फार्मेसी काउंसिल के कुछ पदाधिकारियों और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे कार्यकाल की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। संगठन ने कहा कि दोषी अधिकारियों और संरक्षण देने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
संगठन ने राज्यपाल से यह भी मांग की कि वर्तमान रजिस्ट्रार को तत्काल पद से हटाया जाए और उन्हें किसी भी प्रकार का सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) नहीं दिया जाए।
















